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किसान आंदोलन जारी रहेगा, कोई भी ताकत इसे हिला नहीं सकतीः राकेश टिकैत

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन आज 65वें दिन में प्रवेश कर गया है. रातभर की गहमागहमी के बाद किसानों का आंदोलन फिर से जम गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 29 Jan 2021, 10:54:46 PM
Singhu Border

किसान आंदोलन (Photo Credit: ANI)

नई दिल्ली:

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन आज 65वें दिन में प्रवेश कर गया है. रातभर की गहमागहमी के बाद किसानों का आंदोलन फिर से जम गया है. देर रात तक किसानों को हटाने की तैयारी चलती रही. हालांकि राकेश टिकैत अपनी जिद पर अड़े रहे. तभी राजनीतिक दलों के नेताओं के समर्थन से टिकैत के हौसले बढ़ गए और फिर वह वहीं जम गए. जिसके बाद सड़कों पर फिर से किसानों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है. रात में किसानों ने सड़क जाम कर दिया तो आज मुजफ्फरनगर में टिकैत के समर्थन में महापंचायत बुलाई गई है.

सिंघु बॉर्डर पर हिंसा के मामले में एसएचओ अलीपुर पर तलवार से हमला करने वाले सहित 44 लोगों को आज गिरफ्तार किया गया: दिल्ली पुलिस


 

हम उन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं की बहाली की मांग करते हैं जहां आंदोलन चल रहा है. अन्यथा, हम देश में इसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे: दर्शन पाल सिंह, नेता, क्रांतिकारी किसान यूनियन

सिंघू बॉर्डर पर स्थानीय लोगों और किसानों के बीच हुए बवाल के बाद. प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और दुरुस्त करता हुआ. क्रेन से बैरिकेट्स हटा कर पत्थर के ब्रेकेट्स लगाए गए, ताकि सिमित एरिये को सुरक्षित रखा जा सके.

कौशांबी थाने का घेराव करने के लिए किसानों का एक दल कौशांबी थाने पर पहुंचा. विधायक के खिलाफ fir दर्ज करने को लेकर चार घंटे का दिया अल्टीमेटम. किसान थाने को घेर कर बैठे.

सिंघु बॉर्डर के बाद अब स्थानीय निवासी टिकरी बॉर्डर पर पहुंचे हैं. स्थानीय लोग बॉर्डर खाली कराने की मांग कर रहे हैं. हालांकि उन्हें दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया है. 

सिंघु बॉर्डर पर पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हैं. बताया जा रहा है कि कुछ पुलिस कर्मियों पर तलवार से भी हमला हुआ है. दिल्ली पुलिस के एक पुलिस अधिकारी तलवार से हमले में घायल हुए हैं. 

किसान और स्थानीय लोग आपस में भिड़ गए हैं. दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी और लाठी डंडे चले हैं. ऐसे में हालात को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया है. प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए हैं.

सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान हंगामा खड़ा हो गया है. यहां किसानों और स्थानीय लोग आमने सामने आ गए हैं.

उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि गाज़ीपुर बॉर्डर पर कल और आज सुरक्षा व्यवस्था इसलिए बढ़ाई गई, ताकि इस दौरान ऐसे लोग न घुस जाए जिससे वहां हिंसा फैले. आज पूरे उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था बनी है और किसानों से लगातार वार्ता चल रही है.


सिंघु बॉर्डर पर फिर स्थानीय लोग एकजुट हो गए हैं. ये लोग किसान आंदोलन को खत्म करने की मांग कर रहे हैं.


मुजफरनगर में किसान महापंचायत में भारी जनसमूह उमड़ा है. एक घंटे बाद पंचायत शुरू होगी. ट्रैक्टर ट्रॉली लगातार साजो सामान के साथ आ रही है. भाकियू की पंचायत को बीजेपी को छोड़ सभी दलों ने समर्थन दिया है.

राकेश टिकैत को समर्थन के लिए मथुरा के गोवर्धन इलाके के भवनपुरा गांव में किसानों ने पंचायत हुई है, जिसमें कल दिल्ली कूच का किसानों ने ऐलान किया है.

मनीष सिसोदिया ने कहा, 'किसानों और राकेश टिकैत को हमारा पूरी तरह से समर्थन है.' दिल्ली हिंसा पर सिसोदिया ने कहा, 'सरकार और दिल्ली पुलिस जांच करे कि 26 जनवरी को हिंसा में कौन-कौन लोग शामिल थे. राकेश टिकैत के खिलाफ एफआईआर हुई है. एफआईआर तो बहुत सारी होती रहती हैं, हमारे खिलाफ भी होती हैं. लेकिन हम किसानों को समर्थन देते रहेंगे.'

किसान नेताओं ने सीएम से पानी, बिजली और टॉयलेट्स की सुविधा के लिए निवेदन किया था.रात को ही यहां व्यवस्था कर दी गई थी. मैं निरीक्षण करने आया हूं कि कोई दिक्कत तो नहीं आ रही- मनीष सिसोदिया

किसान आंदोलन के दौरान पानी और टॉयलेट की व्यवस्था लेने के लिए दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे.

सरकार ने बीते 6 वर्षों में बीज से लेकर बाज़ार तक हर व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास किया है, ताकि भारतीय कृषि आधुनिक भी बने और कृषि का विस्तार भी हो- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति ने तीनों कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताया. उन्होंने कहा, 'मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है. बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं.'

संसद में अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति ने 26 जनवरी को लाल किले पर हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा, 'पिछले दिनों हुआ तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए.'

आज संसद के सत्र का पहला दिन है और ये मुद्दा संसद के अंदर भी उठना चाहिए. अगर सरकार पीछे हटती है तो इससे उनकी कमजोरी नहीं झलकेगी. प्रधानमंत्री सब विषयों पर बोलते हैं, किसान के बारे में भी बोल दें - जयंत चौधरी

यूपी दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही है. राकेश टिकैत एक बार फिर मंच पर भावुक होते नजर आए. मुजफ्फरनगर से राकेश टिकैत के लिए पानी भिजवाया गया. मुजफ्फरनगर के लोग पानी लेकर मंच पर पहुंचे, जिसके बाद राकेश टिकैत भावुक हुए राकेश टिकैत ने खास बातचीत में कहा है कि अभी आंदोलन जारी रहेगा.

मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेता शशि थरूर, कुछ पत्रकारों और अन्य लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गई. इन पर 26 जनवरी को किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस पर एक व्यक्ति की हत्या का झूठा प्रचार और भड़काऊ ट्वीट करने का आरोप है. उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह इन पर मुकदमे दर्ज हुए हैं.


किसान मजदूर संघर्ष समिति के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि सरकार जो भी करे हम सिंघु बॉर्डर नहीं छोड़ेंगे. जब तक कानून रद्द नहीं हो जाते और MSP पर नया कानून नहीं बन जाता हम यहां से नहीं जाएंगे.

दिल्ली पुलिस के खालिस्तानी एंगल पर लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने कहा कि जब तक चार्जशीट फाइल नहीं होती, नहीं मानूंगा. ये जबरदस्ती माहौल बनाने की कोशिश है. दिल्ली पुलिस के जवान भी हमारे भाई हैं.


कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर पर जारी किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए आरएलडी नेता जयंत चौधरी पहुंचे.



किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम धरना स्थल को खाने नहीं करेंगे. हम अपने मुद्दों के बारे में भारत सरकार से बात करेंगे. मैं लोगों से शांतिपूर्ण रहने का आग्रह करता हूं.



किसान आंदोलन के दौरान आज आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन और राघव चड्ढा सिंघु बॉर्डर जाएंगे. ये नेता पानी और टॉयलेट और सुविधाओं का जायजा लेने जाएंगे.


सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं के खिलाफ पुलिस एक्शन के लिए तैयार हो रही है. एक सूत्र ने बताया कि मंदिर के पास जो किसान मजदूर संघर्ष समिति का आंदोलन चल रहा है, उनको हटाया जा सकता है. यहां बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के साथ पैरा मिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है.

टिकरी बॉर्डर पर अब किसानों को संख्या में कमी देखने को मिल रही है. लगभग 40 फीसदी किसान प्रदर्शनस्थल छोड़ चुके है. पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स भी एक्टिव नजर आ रही है.

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है. फिर से किसान यहां जुटना शुरू हो गए हैं. 


दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी के डीडीए मैदान से प्रदर्शनकारी किसानों को हटा दिया है. वे नवंबर के अंत से ही यहां डेरा डाले हुए थे.

किसान महापंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी. कहा जा रहा है कि किसान आज कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं.

राकेश टिकैत के समर्थन में आज सुबह 11 बजे मुजफ्फरनगर सिटी के राजकीय इंटर कॉलेज में महापंचायत बुलाई गई है. 

गाजीपुर बॉर्डर स्थित किसानों के धरनास्थल पर गुरुवार को सुबह से ही शुरू हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा, आधी रात तक जारी रहा. हालांकि देर रात बॉर्डर से अचानक सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया. जिसके बाद बॉर्डर पर फिर से किसानों का जुटना शुरू हो गया है. 

First Published : 29 Jan 2021, 06:31:55 AM

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