News Nation Logo

WhatsApp के बाद सरकार ने Twitter को भी दी चेतावनी, कहा- भारत के कानून का करें पालन

वॉट्सऐप  के बाद अब ट्विटर की मुश्किलें भी बढ़ सकती है. गुरुवार को केंद्र सरकार ने ट्विटर को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि  अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर लोगों को भटकाने के बजाय भारत के कानून का पालन करें.

News Nation Bureau | Edited By : Vineeta Mandal | Updated on: 28 May 2021, 08:12:03 AM
ट्विटर

ट्विटर (Photo Credit: सांकेतिक चित्र)

नई दिल्ली:

वॉट्सऐप  के बाद अब ट्विटर की मुश्किलें भी बढ़ सकती है. गुरुवार को केंद्र सरकार ने ट्विटर को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि  अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर लोगों को भटकाने के बजाय भारत के कानून का पालन करें. सरकार ने कहा कि ट्विटर अपनी नाकामी छिपाने के लिए भारत की छवि को बिगाड़ना चाहती है. ट्विटर सिर्फ एक इंटरनेट मीडिया इंटरमीडिएरीज है और उसे भारत के वैधानिक फ्रेमवर्क में दखलअंदाजी का कोई हक नहीं है. ट्विटर ग्राहकों की आजादी पर भी मनमाना ब्रेक लगाती है और भारत के साथ पक्षपात भी करती है.

और पढ़ें: Corona से डेढ़ माह बाद राहत के संकेत, 24 घंटे में 1.86 लाख मामले

इलेक्ट्रानिक्स एवं आइटी मंत्रालय ने ट्विटर के बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि देश से मुनाफे का कारोबार करने वाली ट्विटर दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था को अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ न समझाए. भारत में आजादी मूलभूत है लेकिन ट्विटर का रवैया दोहरा है. वह खुद को बचाने के लिए आजादी को ढाल बना रही है, जबकि भारत में उसने अपना कोई मैकेनिज्म तैयार नहीं किया है. उसका हर आदेश अमेरिका से आता है. भारत में शिकायत तक के लिए कोई मंच नहीं बनाया है. जब चाहे किसी को ब्लाक करती है और उसे सुनवाई का अधिकार तक नहीं दिया जाता. भारत ऐसी मनमानी सहने को तैयार नहीं है.

 भारत में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताने वाले ट्विटर के बयान पर केंद्र सरकार ने पलटवार किया है. सरकार ने कहा है कि ट्विटर का 'डराने-धमकाने' संबंधी आरोप झूठा, आधारहीन है. आईटी मंत्रालय ने कहा कि ट्विटर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर अपनी शर्तें थोपने का प्रयास कर रही है. अपने कदम के जरिए जानबूझकर आदेश का पालन नहीं करके भारत की कानून व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है. सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधि भारत में हमेशा सुरक्षित थे और सुरक्षित रहेंगे.

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, 'ट्विटर का हालिया बयान दुनिया के सबसे बड़ें लोकतंत्र पर अपनी शर्तें थोपने का प्रयास है. कंपनी उन रेग्युलेशंस का पालन करने से इनकार कर रही है, जिनके आधार पर उन्हें आपराधिक जिम्मेदारी से सुरक्षा मिलती है.' मंत्रालय ने कहा कि कंपनी जानबूझकर आदेश का पालन नहीं करके भारत की कानून व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है.

मंत्रालय ने आगे कहा, 'ट्विटर का भारत में काफी बड़ा यूजर बेस है, लेकिन ट्विटर इंडिया के अधिकारी कहते हैं कि उनके पास कोई अधिकार नहीं है. वे कहते हैं कि किसी भी तरह के मुद्दे उठाने पर वे कहते हैं कि भारत के लोगों को अमेरिका स्थित ट्विटर हेडक्वॉर्टर से संपर्क करना होगा. कंपनी की भारतीय यूजर के लिए कथित प्रतिबद्धता झूठी और केवल खुद फायदे के लिए मालूम पड़ती है.'

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार निजता के अधिकार के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही उसे कानून और व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी जरूरत है.

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को पत्र लिखकर नए डिजिटल नियमों के अनुपालन पर जल्द से जल्द प्रतिक्रिया देने का निर्देश दिया है. फेसबुक ने कहा है कि कंपनी का लक्ष्य नए दिशानिर्देशों के प्रावधानों का पालन करना है और इस दिशा में काम कर रही है.

ट्विटर ने अपने ताजा बयान में कहा कि वह विशेष रूप से प्लेटफॉर्म पर सामग्री के लिए एक व्यक्ति (अनुपालन अधिकारी) को उत्तरदायी बनाने, सक्रिय निगरानी की आवश्यकताओं और हमारे ग्राहकों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए व्यापक प्राधिकरण की आवश्यकता के बारे में चिंतित है.

कंपनी ने कहा, "हम इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से सार्वजनिक परामर्श के लिए अनुपालन के प्रक्रियात्मक पहलुओं पर इन मानक संचालन प्रोटोकॉल को प्रकाशित करने का आग्रह करते हैं. हम मंत्रालय से नियमों को लागू करने के लिए ट्विटर के लिए न्यूनतम 3 महीने के विस्तार पर विचार करने का अनुरोध करेंगे.

 

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 28 May 2021, 07:19:04 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो