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कई अफगान दूतावासों ने तालिबान सरकार से संपर्क तोड़ा

कई अफगान दूतावासों ने तालिबान सरकार से संपर्क तोड़ा

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 18 Sep 2021, 11:25:01 PM
Afghanitan flag

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: अफगानिस्तान के ज्यादातर दूतावासों ने काबुल प्रशासन और मेजबान देशों से संपर्क तोड़ दिया है।

पझवोक न्यूज ने बताया कि कुछ दूतावासों का नेतृत्व अभी भी पूर्व मंत्री हनीफ अतमार और तत्कालीन उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह कर रहे हैं।

सूत्र ने कहा, अधिक विवरण दिए बिना कहा कि कुछ तटस्थ रहे, जबकि अन्य नए प्रशासन के संपर्क में थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारी ने कहा कि दूतावासों के खर्च का 80 प्रतिशत पासपोर्ट और अन्य सुविधाओं को जारी करने जैसी सेवाओं से एकत्र किए गए अपने स्वयं के राजस्व से पूरा किया जाता है।

लेकिन अब इनमें से कुछ दूतावास राजस्व पर चुप हैं और स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं।

फ्रांस और जर्मनी में अफगानिस्तान के दूतावासों में कामगारों ने मेजबान देशों में शरण मांगी थी।

एक सूत्र ने कहा, यूरोप में अफगानिस्तान दूतावासों का राजस्व बॉन और फिर काबुल को स्थानांतरित कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले, अतमार ने बॉन वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया और उसे अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में एकत्र राजस्व जमा करने के लिए कहा, जिसे वह विदेश मामलों के मंत्रालय को हस्तांतरित कर देगा।

रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है, लेकिन वाणिज्य दूतावास ने जवाब दिया कि वह ऐसा नहीं कर सकता, क्योंकि पैसा अफगानिस्तान और अफगान लोगों का था।

एमओएफए के पूर्व अधिकारी ने दावा किया कि कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने कई बार विदेशों में अफगान दूतों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित करने की कोशिश की थी।

मंत्री ने कथित तौर पर बुधवार को उनके साथ एक आभासी बैठक करने की योजना बनाई, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया, क्योंकि अधिकांश राजदूत अनुपस्थित थे।

अफगानिस्तान के कुछ दूतावास स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं और उनके राजस्व की प्रकृति अज्ञात बनी हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्रालय का कहना है कि एक दूतावास ने अभी तक अपना पैसा बैंक में जमा नहीं किया है और चार अन्य ने उनकी गतिविधियों के बारे में सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया है।

एमओएफए के एक पूर्व अधिकारी ने नाम जाहिर न किए जाने की शर्त पर पझवोक अफगान न्यूज को बताया कि तालिबान के कब्जे के बाद मंत्रालय के 80 प्रतिशत कर्मचारी अफगानिस्तान छोड़कर चले गए।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 18 Sep 2021, 11:25:01 PM

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