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आरे कॉलोनी मामला: पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के लिए CJI रंजन गोगोई से मदद मांगेंगे छात्र

दिल्ली आने से पहले छात्रों के इस प्रतिनिधिमंडल ने कहा था कि हमारे पास समय काफी कम बचा है. हम अपनी आखिरी लड़ाई लड़ने जा रहे हैं

Updated on: 06 Oct 2019, 02:42 PM

नई दिल्ली:

मुंबई के आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड के लिए पेड़ों की कटाई का मामला अब सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई तक पहुंच गया है. दरअसल रविवार को छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल सीजेआई रंजन गोगोई के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात करेगा और उनसे अनुरोध करेगा की सीजेआई रंजन गोगोई पेड़ो की कटाई के काम पर रोक लगा दे.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली आने से पहले छात्रों के इस प्रतिनिधिमंडल ने कहा था कि हमारे पास समय काफी कम बचा है. हम अपनी आखिरी लड़ाई लड़ने जा रहे हैं. हमें कानूनी तरीके से इस पर रोक लगवानी होगी, तब तक मुंबई प्राधिकरण को भी अपनी कार्रवाई पर रोक लगानी होगी.

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बता दें बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से मुंबई की आरे कॉलोनी को जंगल घोषित करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज करने के बाद शुक्रवाद देर रात से पेड़ काटने का काम भी शुरू हो गया. इसके विरोध में प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए और मेट्रो रेल साइट पर नारेबाजी की. आरे की तरफ जाने वाली सभी सड़कों पर पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए हैं. इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है. लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया जा रहा है. इससे पहले विरोध प्रदर्शन कर रहीं शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.

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बताया जा रहा है कि अब तक 800 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं. इलाके के 3 किलोमीटर के भीतर में किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है. अब तक 100 से अधिक लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं. मीडिया को भी अंदर से मनाही है. इस दौरान लोगों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई.