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खुद को तेजी से बदल रहा है कोरोना वायरस, चीन में मिले 30 नए प्रकार

कोरोना वायरस साल 2020 की शुरुआत से ही दुनियाभर के लिए मुसीबत बना हुआ है. अब तक 25 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. इस तरह से फैल रहा कोरोना का यह रूप सर्स कोव-2 शुरू से ही पहेली बना हुआ है.

News Nation Bureau | Edited By : Yogendra Mishra | Updated on: 22 Apr 2020, 04:04:28 PM
Corona Virus

कोरोना वायरस (Photo Credit: फाइल फोटो।)

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस साल 2020 की शुरुआत से ही दुनियाभर के लिए मुसीबत बना हुआ है. अब तक 25 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. इस तरह से फैल रहा कोरोना का यह रूप सर्स कोव-2 शुरू से ही पहेली बना हुआ है. अब चीन के ताजा शोध से पता चला है इसके 30 अलग प्रकार हो चुके हैं.

सार्स कोव 2 को लेकर ये रहा है भ्रम

सार्स कोव-2 के बारे में शुरू से ही भ्रम की स्थिति थी. एक तो इसके प्रभाव के बारे में कभी एक रूपता नहीं रही. न तो यह सभी लोगों के लिए खतरनाक रहा और कई जगहों पर बहुत ही ज्यादा खतरनाक रहा. इसके अलावा इस वायरस के म्यूटेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. कभी यह खुद को म्यूटेट करने लगता है तो कभी बहुत दिनों तक इसका म्यूटेशन नहीं होता.

शोध में क्या मिला

चीन के होनजोऊ स्थित झेजियांग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लांजुआन और उनकी टीम ने पता लगाया है कि सार्स कोव-2 में खुद को म्यूटेट करने की क्षमता काफी कम हैं. प्रोफेसर ली का दावा है कि उनकी टीम ने इस कोरोना वायरस का सबसे खतरनाक स्ट्रेन खोज निकाला है.

अलग स्ट्रेन असर कर रहे हैं देशों को

शोध में पाया गया है कि अलग-अलग स्ट्रेन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में प्रभाव डाल रही है. इसीलिए इसका इलाज ढूंढने में इतनी परेशानी हो रही है. शोधकर्ताओं ने होनजोउ के 11 कोरोना ग्रस्त मरीजों के स्ट्रेन का विश्लेषण किया है.

19 स्ट्रेन के बारे में जानकारी नही थी

शोधकर्ताओं ने इस वायरस के 30 अलग म्यूटेशन पाए जिसमें से अब तक 19 के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. प्रोफेसर ली ने अपने शोधपत्र में कहा कि सार्स कोव-2 ने खुद में ऐसे म्यूटेशन किए हैं जिससे वह अपनी घातकता बदल पा रहा है.

सबसे खतरनाक स्ट्रेन की हुई पहचान

इतना ही नहीं प्रोफेसर ली की टीम ने अस वायरस के सबसे खतरनाक स्ट्रेन की भी पहचान की है. यह स्ट्रेन सबसे कमजोर स्ट्रेन के मुकाबले 270 गुना वायरल लोड बनाने में सक्षम है. यह सबसे तीजे से मानवीय कोशिकाओं को मारता है. शोध में इस बात पर जोर दिया गया है कि इस वायरस की विविधता अब तक पता नहीं चली है. इलाज या वैक्सीन के लिए इसे समझना बहुत जरूरी है.

भारत में ऐसा है हाल

भारत में फैले सार्स कोव-2 के बारे में कहा जा रहा है कि यह अभी म्यूटेट नहीं हो रहा है. ICMR ने पहले ही इस बात की पुष्टि की थी. भारत में फैला सार्स कोव 2 सिंगल म्यूटेशन वाला माना जा रहा है. अगर यह म्यूटेट नहीं होता है तो इसके खत्म होने की जल्दी संभावना हैं. भारत में अभी तक संक्रमित हुए लोगों का आंकड़ा 20 हजार के करीब पहुंच चुका है. जिनमें से 3800 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं. जब की 640 लोगों की मौत हो चुकी है.

First Published : 22 Apr 2020, 04:04:28 PM

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