भारत में बनेगा नया हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग का इकोसिस्टम, नई साझेदारी का ऐलान

भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है. अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और वैश्विक रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनी लियोनार्डो ने भारत में एक पूर्ण रूप से एकीकृत हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है

भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है. अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और वैश्विक रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनी लियोनार्डो ने भारत में एक पूर्ण रूप से एकीकृत हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है

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Madhurendra Kumar
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Adani Deal

भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है. अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और वैश्विक रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनी लियोनार्डो ने भारत में एक पूर्ण रूप से एकीकृत हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है. 3 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए इस MoU का उद्देश्य भारत की बढ़ती सैन्य आवश्यकताओं को पूरा करना और देश को भविष्य में हेलिकॉप्टर निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है.

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भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों पर केंद्रित साझेदारी

यह साझेदारी विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों पर केंद्रित होगी, जिसमें लियोनार्डो के उन्नत सैन्य हेलिकॉप्टरों जैसे AW169M और AW109 TrekkerM का भारत में निर्माण शामिल है. इसके तहत चरणबद्ध स्वदेशीकरण, देश के भीतर ही मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल  सुविधाओं की स्थापना होगी, साथ हीं व्यापक पायलट प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया जाएगा. भविष्य में इस इकोसिस्टम को सिविल एविएशन और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन तक विस्तारित करने की भी संभावना है. 

लियोनार्डो की विश्वस्तरीय हेलिकॉप्टर डिजाइन और इंजीनियरिंग क्षमताओं को अडानी डिफेंस की एंड-टू-एंड मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस विशेषज्ञता के साथ जोड़कर यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को मजबूत करेगी. इससे न केवल भारत की रक्षा तैयारियों और परिचालन क्षमताओं में वृद्धि होगी, बल्कि देश वैश्विक एयरोस्पेस उद्योग में एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में उभरेगा. इस परियोजना से बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ की भी उम्मीद है. 

हजारों उच्च-कौशल नौकरियों का सृजन होगा

हेलिकॉप्टर निर्माण इकोसिस्टम के विकास से इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में हजारों उच्च-कौशल नौकरियों का सृजन होगा. साथ ही, भारतीय MSMEs और स्टार्टअप्स को वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे, जिससे घरेलू रक्षा औद्योगिक आधार और मजबूत होगा.

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अडानी ने इस साझेदारी को भारत के लिए एक निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि लियोनार्डो के साथ यह गठजोड़ एक मजबूत, भविष्य-तैयार हेलिकॉप्टर इकोसिस्टम का मार्ग प्रशस्त करेगा और भारत को वैश्विक एयरोस्पेस पावरहाउस के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा.

सशस्त्र बलों को 1,000 से अधिक हेलिकॉप्टरों की आवश्यकता

वहीं, कंपनी के CEO आशीष राजवंशी ने कहा कि आने वाले दशक में भारतीय सशस्त्र बलों को 1,000 से अधिक हेलिकॉप्टरों की आवश्यकता है और यह साझेदारी भारत को संप्रभु मैन्युफैक्चरिंग क्षमता प्रदान करेगी.

लियोनार्डो हेलिकॉप्टर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर जियान पिएरो कुटिल्लो ने भी इस सहयोग को भारत के रोटरक्राफ्ट उद्योग को सशक्त बनाने की दिशा में अहम बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भारत को आधुनिक तकनीक और परिचालन क्षमताओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी. कुल मिलाकर, अडानी डिफेंस और लियोनार्डो की यह रणनीतिक साझेदारी भारत की रक्षा स्वायत्तता को मजबूत करने और देश को हेलिकॉप्टर निर्माण व सपोर्ट का एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

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