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सांकेतिक तस्वीर
New Delhi: दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल फोन कंपनियों के लिए एक नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत अब सभी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को अपने हर नए फोन में संचार साथी (Sanchar Saathi) ऐप अनिवार्य रूप से इंस्टॉल करना होगा. खास बात यह है कि यह ऐप फोन से अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकेगा. निर्देश के अनुसार, एप्पल, सैमसंग, ओप्पो, वीवो, शाओमी जैसी कंपनियों को यह व्यवस्था लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है.
कैसे काम करता है ऐप
संचार साथी पोर्टल मई 2023 में लॉन्च किया गया था. यह पोर्टल खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की शिकायत दर्ज कराने और उन्हें ब्लॉक करने की सुविधा देता है. इसके अलावा, इससे यूजर अपने नाम पर चल रही मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देख सकते हैं, संदिग्ध लिंक की रिपोर्ट कर सकते हैं और बैंकों व वित्तीय संस्थानों के भरोसेमंद संपर्क नंबर भी चेक कर सकते हैं.
क्या होगा फायदा
एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह फैसला लोगों को धोखाधड़ी से बचाने और शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से लिया गया है. अधिकारी के अनुसार, अभी शिकायत दर्ज करने में समय इसलिए लगता है क्योंकि लोगों को वेबसाइट खोलकर जानकारी भरनी पड़ती है. ऐप होने से यह प्रक्रिया तुरंत पूरी हो सकेगी.
जब पूछा गया कि फोन चोरी होने पर ऐप कैसे मदद करेगा, तो अधिकारी ने बताया कि पोर्टल इतना उन्नत है कि यूजर्स को अपने फोन का IMEI नंबर याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सिस्टम खुद फोन के विवरण को पहचान लेगा, ताकि लोग बिना झंझट के शिकायत दर्ज कर सकें.
ये हैं अतिरिक्त फीचर
ऐप में कई अतिरिक्त फीचर भी होंगे, जैसे किसी मोबाइल हैंडसेट की वास्तविकता जांचना, स्पैम या संदिग्ध कॉल/मैसेज की रिपोर्ट करना और अपने नाम पर एक्टिव सिम की जानकारी देखना. वेबसाइट के विपरीत, ऐप में OTP वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी. अधिकारी ने कहा, “धोखाधड़ी के मामलों में कुछ सेकंड भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. OTP की जरूरत खत्म होने से समय बचेगा और तेजी से कार्रवाई हो सकेगी.”
DoT के अनुसार, साइबर फ्रॉड की वजह से पिछले तीन से चार वर्षों में करीब 35,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. विभाग को उम्मीद है कि सभी मोबाइल कंपनियां इस निर्देश को लागू करने में पूरा सहयोग देंगी.
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