रूस-वेनेजुएला से तेल और अमेरिका से ट्रेड डील, विदेश मंत्रालय ने बताया क्या है भारत का 'ग्लोबल प्लान'

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कर दिया है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वहां से तेल खरीदेगा जहां से उसे सस्ता और फायदेमंद पड़ेगा. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद पर खरी-खरी सुनाई और ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल का समर्थन करते हुए फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत का पक्ष रखा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कर दिया है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वहां से तेल खरीदेगा जहां से उसे सस्ता और फायदेमंद पड़ेगा. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद पर खरी-खरी सुनाई और ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल का समर्थन करते हुए फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत का पक्ष रखा.

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Ravi Prashant
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MEA रणधीर जायसवाल Photograph: (MEA/YT)

विदेश मंत्रालय (MEA) की साप्ताहिक ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत की विदेश नीति से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर शुक्रवार को देश का पक्ष रखा. सबसे खास बात तेल को लेकर रही. उन्होंने साफ किया कि रूस और वेनेजुएला से तेल खरीदने को लेकर भारत का स्टैंड बिल्कुल साफ है. भारत अपनी जरूरतों के लिए हर उस रास्ते पर चलेगा जो देश के लिए सस्ता और फायदेमंद होगा. अगर वेनेजुएला से तेल खरीदना जेब पर भारी नहीं पड़ता, तो भारत वहां से डील करने में पीछे नहीं हटेगा.

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आतंकवाद पर पाकिस्तान को खरी-खरी

पाकिस्तान के साथ रिश्तों में जमी बर्फ पर बात करते हुए जायसवाल ने दोटूक कहा कि सबसे बड़ी रुकावट 'सीमा पार से होने वाला आतंकवाद' है. भारत का मानना है कि जब तक पाकिस्तान अपनी जमीन पर पल रहे आतंकी अड्डों को खत्म नहीं करता, तब तक दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य होना मुश्किल है.

इजरायल-फिलिस्तीन पर क्या बोला? 

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भारत ने शांति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए डोनाल्ड ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल का साथ दिया है. वॉशिंगटन में हुई इस बैठक में भारत ने बतौर ऑब्जर्वर हिस्सा लिया. वहीं, फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत ने साफ कहा कि वह फिलिस्तीन के अस्तित्व के साथ है और वेस्ट बैंक में इजरायल के कब्जे को बढ़ाने की कोशिशों की कड़ी निंदा करता है. भारत का मानना है कि बातचीत से ही शांति आ सकती है.

अमेरिका के साथ ट्रेड डील और क्वॉड समिट

भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती को और गहरा करने की तैयारी शुरू हो गई है. अगले हफ्ते भारत का एक बड़ा दल ट्रेड डील पर बातचीत के लिए अमेरिका रवाना होगा. इसके साथ ही 'क्वॉड' (Quad) समिट को लेकर भी चर्चा तेज है. मंत्रालय ने कहा कि चारों देशों की सहूलियत देखकर जल्द ही इसकी तारीखें तय कर ली जाएंगी.

पड़ोसियों से रिश्तों पर नजर

MEA ने बांग्लादेश की नई सरकार के साथ भी मजबूत रिश्ते बनाने की इच्छा जताई है. वहीं ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर भारत पूरी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इस इलाके के हालात का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है.

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