Language Controversy: DMK सासंद के बयान से तमिलनाडु में फिर भड़का भाषा विवाद, BJP ने कहा- हिंदी भाषियोें से माफी मांगो

Language Controversy: डीएमके सासंद ने विधानसभा चुनाव से पहले फिर से भाषा विवाद को भड़का दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में छात्रों को इंग्लिश पढ़ने से रोका जाता है.

Language Controversy: डीएमके सासंद ने विधानसभा चुनाव से पहले फिर से भाषा विवाद को भड़का दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में छात्रों को इंग्लिश पढ़ने से रोका जाता है.

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Jalaj Kumar Mishra
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Language Controversy sparks after DMK MP Dayanidhi Maran Statement

DMK MP Dayanidhi Maran

Language Controversy: तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी डीएमके ने फिर से भाषा विवाद को भड़का दिया है. डीएमके सासंद दयानिधि मारन ने उन राज्यों की आलोचना की है, जो छात्रों को सिर्फ हिंदी पढ़ने के लिए बढ़ावा देते हैं और अंग्रेजी को दूसरे दर्जे का मान रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी वजह से रोजगार के लिए उत्तर के लोगों को दक्षिणी राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है. 

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अब जानें क्या बोले डीएमके सासंद

मारन का आरोप है कि कुछ राज्यों में छात्रों को पढ़ाई करने से रोका जाता है. उनको सिर्फ हिंदी पर ही ध्यान देने के लिए कहा जाता है. उनका कहना है कि छात्रों से कहा जाता है कि अंग्रेजी मत पढ़ो, अगर पढ़ोगे तो बर्बाद हो जाओगे. तुम्हें गुलाम बनाकर रखा जाएगा. उनका कहना है कि तमिलनाडु में शिक्षा पर जोर दिया जाता है, जिस वजह से प्रदेश में आर्थिक विकास हो रहा है. उनका कहना है कि इसी वजह से दुनिया की शीर्ष कंपनियां तमिलनाडु में आ रही हैं.

मारन ने दावा किया कि शिक्षा को सिर्फ हिंदी तक ही सीमित रखने की वजह से दूसरे क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ती है. लेकिन तमिल मॉडल लड़कों-लड़कियों को सामान रूप से शिक्षा तक पहुंच देता है. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भाषा पढ़ने से रोकने से छात्रों के अवसरों में कमी आती है. भाषा पर रोक लगाने से विकास और रोजगार में बाधा उत्पन्न होता है. 

भाजपा ने जताई आपत्ति, कार्रवाई की मांग

भाजपा ने डीएमके सांसद की इस टिप्पणी की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि मारन में सामान्य ज्ञान की कमी है. भाजपा नेता तिरुपति नारायणन ने कहा कि मुझे तो नहीं लगता कि दयानिधि के पास सामान्य ज्ञान है. मैं उनकी टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता हूं. उन्होंने हिंदी भाषी लोगों से माफी मांगनी चाहिए.

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