जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एनकाउंटर, सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच भीषण गोलीबारी

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान सात जवान घायल हो गए. चत्रू इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने फायरिंग और ग्रेनेड फेंके. घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान सात जवान घायल हो गए. चत्रू इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने फायरिंग और ग्रेनेड फेंके. घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया है.

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Ravi Prashant
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Jammu Kashmir Police

Photograph: ( File-ANI)

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर हुआ है. अधिकारियों के अनुसार, इस मुठभेड़ में भारतीय सेना के सात जवान घायल हो गए हैं. सभी घायल जवानों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

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चत्रू इलाके में हुआ संपर्क

सूत्रों के मुताबिक, यह मुठभेड़ किश्तवाड़ के चत्रू क्षेत्र में उस समय हुई जब सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. आतंकियों ने जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की. यह ऑपरेशन दोपहर के समय शुरू हुआ था.

ऑपरेशन त्राशी-1 जारी

भारतीय सेना की जम्मू स्थित White Knight Corps ने इस अभियान को “ऑपरेशन त्राशी-1” नाम दिया है. सेना ने बताया कि यह संयुक्त सर्च ऑपरेशन Jammu and Kashmir Police के साथ मिलकर चलाया जा रहा है. सुरक्षा बलों का आतंकियों से संपर्क चत्रू के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र सोनार में हुआ.

आतंकियों ने ग्रेनेड भी फेंके

अधिकारियों के अनुसार, सर्च टीम का सामना दो से तीन विदेशी आतंकियों से हुआ, जिनका संबंध पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammad से बताया जा रहा है. आतंकियों ने घेरा तोड़ने के लिए अंधाधुंध फायरिंग के साथ ग्रेनेड भी फेंके. इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी और कड़ी कर दी.

अतिरिक्त बल की हुई तैनात

स्थिति को देखते हुए सेना, Central Reserve Police Force और स्थानीय पुलिस के अतिरिक्त जवानों को मौके पर भेजा गया. ड्रोन, आधुनिक निगरानी उपकरण और स्निफर डॉग्स की मदद से पूरे इलाके की तलाशी ली जा रही है. कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही.

सेना ने क्या कहा?

व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चुनौतीपूर्ण इलाके और हालात के बावजूद जवानों ने असाधारण साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया. नागरिक प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर ऑपरेशन को आगे बढ़ाया जा रहा है.

इस साल तीसरा एनकाउंटर

यह इस साल जम्मू क्षेत्र में आतंकियों के साथ तीसरी मुठभेड़ है. इससे पहले जनवरी में कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र के काहोग और नाजोटे जंगलों में भी एनकाउंटर हुए थे. पिछले वर्ष दिसंबर में उधमपुर जिले में एक पुलिस अधिकारी शहीद हो गए थे. गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू क्षेत्र में आतंक विरोधी अभियानों को और तेज कर दिया गया है.

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