अब 'केरलम' के नाम से जाना जाएगा केरल, केंद्रीय कैबिनेट में कई अन्य प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के साथ अब यह प्रस्ताव आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए बढ़ेगा. राज्य सरकार लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रही थी, जिसे अब औपचारिक समर्थन मिल गया है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के साथ अब यह प्रस्ताव आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए बढ़ेगा. राज्य सरकार लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रही थी, जिसे अब औपचारिक समर्थन मिल गया है.

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Dheeraj Sharma
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Union Cabinet Aprroves Keralam

सेवा तीर्थ में केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक मंगलवार को आयोजित हुई. इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ कुछ प्रस्तावों को मंजूरी भी दी गई. इसी कड़ी में अब केरल का नाम बदलकर उसे केरलम किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिससे इस कदम को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है.

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केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के साथ अब यह प्रस्ताव आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए बढ़ेगा. राज्य सरकार लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रही थी, जिसे अब औपचारिक समर्थन मिल गया है.

विधानसभा का सर्वसम्मत प्रस्ताव

केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का नाम ‘केरलम’ करने की अपील की थी. इससे पहले अगस्त 2023 में भी इसी आशय का प्रस्ताव पारित कर भेजा गया था, लेकिन गृह मंत्रालय ने उसमें कुछ तकनीकी संशोधन सुझाए थे.

मुख्यमंत्री विजयन की पहल

बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने यह प्रस्ताव सदन में पेश किया था. उनका तर्क था कि मलयालम भाषा में राज्य को ‘केरलम’ कहा जाता है और यह नाम राज्य की सांस्कृतिक पहचान के अधिक करीब है.

मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि मलयालम भाषी समुदायों के लिए एकीकृत ‘केरलम’ की अवधारणा स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही प्रबल रही है. हालांकि भारतीय संविधान के प्रथम अनुसूची में राज्य का नाम ‘केरल’ दर्ज है, जिसे बदलने के लिए संवैधानिक संशोधन की प्रक्रिया आवश्यक है.

संवैधानिक और राजनीतिक महत्व

नाम परिवर्तन का प्रस्ताव केवल प्रतीकात्मक नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे सांस्कृतिक स्वाभिमान से भी जोड़ा जा रहा है. यदि संविधान की अनुसूचियों में आवश्यक संशोधन किए जाते हैं, तो आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम ‘केरलम’ दर्ज किया जाएगा. अब निगाहें आगे की संसदीय प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिसके बाद ‘केरलम’ नाम को संवैधानिक मान्यता मिल सकेगी.

मोदी सरकार के तीन बड़े फैसले

केरल का नाम केरलम करने के साथ ही श्रीनगर एयरपोर्ट टर्मिनल के लिए 1667 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. इसके अलावा 12236 करोड़ रुपए के रेल प्रोजेक्टों के लिए खर्च किए जाएंगे. 

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