Kal Ka Mausam: Republic Day पर कुदरत का 'कोल्ड अटैक', उत्तर भारत में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट

गणतंत्र दिवस से पहले देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है. उत्तर भारत में बारिश, बर्फबारी और शीतलहर से ठंड बढ़ गई है. मौसम विभाग ने 26 से 28 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है.

गणतंत्र दिवस से पहले देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है. उत्तर भारत में बारिश, बर्फबारी और शीतलहर से ठंड बढ़ गई है. मौसम विभाग ने 26 से 28 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है.

author-image
Ravi Prashant
New Update
kal ka mausam

कल का मौसम Photograph: (X/@Siege4570)

Kal Ka Mausam: एक तरफ पूरा देश 77वें गणतंत्र दिवस के जश्न और परेड की तैयारियों में डूबा है, तो दूसरी तरफ कुदरत ने भी अपनी चाल बदल ली है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी ने ठंड की एक नई लहर पैदा कर दी है. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो कल कर्तव्य पथ पर जब तिरंगा लहराएगा, तब दिल्ली में न केवल धुंध का साया होगा, बल्कि कड़ाके की ठंड भी परेड देखने वालों का इम्तिहान लेगी. 

Advertisment

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में अलर्ट

पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की वजह से बर्फबारी का दौर जारी रहेगा. 27 और 28 जनवरी को उत्तराखंड में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में हल्की बारिश के साथ बिजली कड़कने और ओले गिरने के आसार हैं.

यूपी, बिहार और एमपी में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी मौसम का असर दिखेगा. 27 और 28 जनवरी को यूपी के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. बिहार में भी सुबह और रात के वक्त घना कोहरा छाए रहने की उम्मीद है और 28 जनवरी को वहां बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश के जबलपुर संभाग और पूर्वी हिस्सों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.

क्या है मौसम बदलने की वजह?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय अरब सागर से लेकर केरल तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. साथ ही पंजाब और हिमाचल के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का घेरा मौजूद है. इन्हीं वजहों से तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. आने वाले दिनों में पहले तापमान थोड़ा बढ़ेगा, फिर गिरेगा और उसके बाद दोबारा इसमें बढ़ोतरी देखी जा सकती है.

ये भी पढ़ें- अमेरिका में बर्फीले तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 20 से अधिक राज्यों में इमरजेंसी

weather
Advertisment