अमेरिकी नेवी ने जिसे 'Shadow Fleet' कहकर पकड़ा, उस जहाज पर फंसे तीनों भारतीय अब आज़ाद

अमेरिकी बलों द्वारा उत्तर अटलांटिक में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर Marinera को जब्त करने के बाद हिरासत में लिए गए तीन भारतीय क्रू सदस्यों को रिहा कर दिया गया है. सभी सुरक्षित हैं और उनके परिवारों को राहत मिली है. कूटनीतिक समन्वय और अंतरराष्ट्रीय कानून इस रिहाई में निर्णायक रहे.

अमेरिकी बलों द्वारा उत्तर अटलांटिक में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर Marinera को जब्त करने के बाद हिरासत में लिए गए तीन भारतीय क्रू सदस्यों को रिहा कर दिया गया है. सभी सुरक्षित हैं और उनके परिवारों को राहत मिली है. कूटनीतिक समन्वय और अंतरराष्ट्रीय कानून इस रिहाई में निर्णायक रहे.

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Ravi Prashant
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US-Russia on Marinera Ship

रूसी तेल टैंकर (X)

अमेरिकी नौसेना ने 7 जनवरी 2026 को उत्तर अटलांटिक महासागर में 'Marinera' नाम के एक रूसी तेल टैंकर को रोककर उसे अपने कब्जे में ले लिया. अमेरिका का कहना है कि यह जहाज चोरी-छिपे रूस, ईरान और वेनेजुएला का तेल ढो रहा था और अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों (Restrictons) को तोड़ रहा था. इसे 'शैडो फ्लीट' यानी उन जहाजों का हिस्सा बताया गया जो नियमों से बचने के लिए छिपकर काम करते हैं.

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जहाज पर सवार भारतीय और अन्य क्रू

इस जहाज पर कुल 28 लोग काम कर रहे थे. इसमें सबसे ज्यादा चिंता की बात यह थी कि इनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे. बाकी सदस्य रूस, यूक्रेन और जॉर्जिया के थे. जब अमेरिका ने जहाज को जब्त किया, तो इन सभी को हिरासत में ले लिया गया था.

भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी

भारत के लिए राहत की बात यह है कि सरकार की कोशिशों के बाद तीनों भारतीयों को रिहा कर दिया गया है. भारत और अमेरिका के बीच हुई बातचीत के बाद इन नाविकों को सुरक्षित छोड़ दिया गया. इनमें से एक नाविक हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा का रहने वाला है, जो सिर्फ 26 साल का है और अपनी पहली ही नौकरी पर निकला था.

परिवारों ने ली राहत की सांस

जब जहाज पकड़े जाने की खबर आई थी, तो नाविकों के परिवार बहुत डरे हुए थे. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उनके बच्चे किस हाल में हैं. लेकिन अब रिहाई की खबर मिलने के बाद परिवारों ने सरकार का शुक्रिया अदा किया है.

कूटनीति का असर

हैरानी की बात यह है कि जिस दिन नए अमेरिकी राजदूत ने भारत में अपना काम संभाला, उसी दिन भारतीयों की रिहाई की खबर आई. इसे भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों के तौर पर देखा जा रहा है.

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