भारत का पाकिस्तान पर पलटवार, बलूचिस्तान में हुए हिंसा पर MEA ने दी नसीहत

भारत ने बलूचिस्तान हिंसा को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के बयान इस्लामाबाद की आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश हैं और पाकिस्तान को अपने ही नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

भारत ने बलूचिस्तान हिंसा को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के बयान इस्लामाबाद की आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश हैं और पाकिस्तान को अपने ही नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

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Ravi Prashant
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एमईए रणधीर जायसवाल (फाइल फोटो) Photograph: (X/@MEAIndia)

भारत ने रविवार को बलूचिस्तान में हुए हिंसा को लेकर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया. भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान पाकिस्तान की अपनी आंतरिक विफलताओं और समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं.

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विदेश मंत्रालय की ओर से मीडिया सवालों का जवाब देते हुए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान के निराधार आरोपों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है. उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की पुरानी रणनीति है, जिसके तहत वह अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए भारत पर दोष मढ़ता है.

भारत का स्पष्ट संदेश

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को हर हिंसक घटना के बाद “फिजूल के दावे” दोहराने के बजाय अपने ही लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. बयान में कहा गया कि पाकिस्तान का दमन, बर्बरता और मानवाधिकार उल्लंघन का रिकॉर्ड किसी से छिपा नहीं है.

पाकिस्तान ने क्यों लगाया आरोप? 

भारत की यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई है जिसमें पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने बलूचिस्तान में हमलों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इन घटनाओं में 15 से अधिक सुरक्षा कर्मियों और 92 कथित उग्रवादियों की मौत हुई है.

बलूचिस्तान में हिंसा

शनिवार को बलूचिस्तान प्रांत में कई स्थानों पर समन्वित हमले हुए, जिन्हें जातीय बलूच उग्रवादी समूहों द्वारा अंजाम दिए जाने का दावा किया गया है. इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

भारत-पाक संबंधों पर असर

भारत ने दोहराया कि वह इस तरह के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेता और पाकिस्तान को अपने आंतरिक हालात सुधारने की सलाह देता है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदाराना रवैया अपनाने की आवश्यकता है.

यह बयान एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण राजनयिक संबंधों को दर्शाता है, जहां सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं.

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