'मदर ऑफ ऑल डील्स' का कल होगा ऐलान, भारतीय बिजनेस के लिए खुलेंगे यूरोप के दरवाजे

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत आखिरकार पूरी हो गई है. कल यानी मंगलवार को इस बड़ी डील का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा. भारत के ट्रेड सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने सोमवार को पुख्ता किया कि दोनों पक्ष अब समझौते के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत आखिरकार पूरी हो गई है. कल यानी मंगलवार को इस बड़ी डील का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा. भारत के ट्रेड सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने सोमवार को पुख्ता किया कि दोनों पक्ष अब समझौते के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

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Ravi Prashant
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ईयू लीडर्स विद इन इंडिया Photograph: (X/@ians_india)

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA को लेकर चल रही बातचीत अब पूरी हो गई है. ट्रेड सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस बड़ी डील का ऑफिशियल ऐलान मंगलवार को किया जाएगा. हालांकि, कागज पर साइन करने से पहले इसकी कानूनी बारीकियों की जांच होगी, जो कि किसी भी इंटरनेशनल समझौते के लिए एक स्टैंडर्ड प्रोसेस है.

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क्यों कहा जा रहा है इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स'?

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को‘मदर ऑफ ऑल डील्स’यानी अब तक की सबसे बड़ी डील बताया है. उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप एक-दूसरे के लिए बहुत जरूरी पार्टनर हैं. पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत हुई है, जिससे अब अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं. इस डील से दोनों तरफ के बिजनेस और आम लोगों के लिए तरक्की के नए मौके खुलेंगे.

यूरोपीय संघ के ट्रेड कमिश्नर मारोस सेफकोविच इन दिनों भारत के दौरे पर हैं. उन्होंने बताया कि इस डील को फाइनल करने के लिए पीयूष गोयल के साथ उनकी 10 बार मुलाकात हुई. यही नहीं, यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी भारत आई हुई हैं। वह 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात करेंगी, जिसमें इस ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लगेगी.

बिजनेस और आम जनता को क्या मिलेगा?

यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. अनुमान है कि 2024-25 में दोनों के बीच करीब 136 अरब डॉलर का व्यापार होगा. इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारतीय सामानों के लिए यूरोप का बड़ा बाजार आसानी से खुल जाएगा. दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल के बीच भारत और यूरोप की आर्थिक दोस्ती और मजबूत होगी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे हमारे घरेलू उद्योगों को नुकसान नहीं होगा, बल्कि बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे.

अब आगे क्या होगा?

भले ही बातचीत पूरी हो गई है, लेकिन इसे लागू होने में अभी कुछ स्टेप्स बाकी हैं. मंगलवार को होने वाले ऐलान के बाद कागजी कार्यवाही पूरी की जाएगी. इसके बाद भारत में केंद्रीय कैबिनेट और यूरोप में यूरोपीय संसद से मंजूरी लेनी होगी. इस पूरी प्रक्रिया के बाद यह समझौता पूरी तरह से लागू हो जाएगा. 

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