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ज़ोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल Photograph: (X)
गिग वर्कर्स की 31 दिसंबर को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच Zomato के CEO Deepinder Goyal के बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. गोयल ने दावा किया कि न्यू ईयर ईव पर Zomato और Blinkit ने मिलकर 75 लाख से अधिक डिलीवरी कीं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है.
X पर पोस्ट कर किया सिस्टम का बचाव
दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की गिग इकॉनमी देश की सबसे बड़ी संगठित रोजगार सृजन प्रणालियों में से एक है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे क्विक कॉमर्स और हड़ताल को लेकर फैलाए जा रहे कथित “नैरेटिव्स” में न बहें, जिन्हें उनके अनुसार कुछ खास हितधारक आगे बढ़ा रहे हैं.
10 मिनट डिलीवरी पर सफाई
गोयल ने 10 मिनट डिलीवरी कॉन्सेप्ट को लेकर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि यह मॉडल डिलीवरी पार्टनर्स पर तेजी से गाड़ी चलाने का दबाव नहीं डालता. उन्होंने बताया कि Blinkit पर ऑर्डर प्लेस होने के बाद 2.5 मिनट में पैकिंग हो जाती है और औसतन 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में डिलीवरी पार्टनर करीब 8 मिनट लेते हैं, जिससे उनकी औसत स्पीड 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है.
मजदूरी और बाजार व्यवस्था पर टिप्पणी
एक यूजर द्वारा किए गए “असल न्यूनतम मजदूरी शून्य है” वाले कमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा कि हर काम करने वाला व्यक्ति अधिक कमाई चाहता है. उन्होंने कहा कि आखिरकार बाजार की ताकतें ही तय करती हैं कि किसी को कितना भुगतान मिलेगा. गोयल के अनुसार, गिग इकॉनमी पर आधारित कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कई बार गिग वर्कर्स की आय भारत में एंट्री लेवल की औपचारिक नौकरियों से अधिक होती है.
यूजर्स और सेलेब्रिटीज ने उठाए सवाल
हालांकि, गोयल की दलीलों से सभी सहमत नजर नहीं आए. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके बयान पर सवाल खड़े किए. स्टैंड-अप कॉमेडियन Kunal Kamra ने कहा कि अगर Zomato CEO यह स्पष्ट कर दें कि पिछले एक साल में गिग वर्कर्स को प्रति घंटे कितना भुगतान मिला, तो वह इस मुद्दे पर ट्वीट करना बंद कर देंगे.
बहस अभी भी जारी
दीपिंदर गोयल ने यह भी माना कि कोई भी सिस्टम पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता और उन्होंने इसे बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता जताई. हालांकि, गिग वर्कर्स की मजदूरी, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर यह बहस फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है और आने वाले दिनों में इस पर और चर्चा होने की संभावना है.
One more thing. Our 10 minute delivery promise is enabled by the density of stores around your homes. It’s not enabled by asking delivery partners to drive fast. Delivery partners don’t even have a timer on their app to indicate what was the original time promised to the…
— Deepinder Goyal (@deepigoyal) January 1, 2026
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