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एएमयू अपना खुद का सैटेलाइट लॉन्च करेगा

एएमयू अपना खुद का सैटेलाइट लॉन्च करेगा

Updated on: 29 Oct 2023, 03:40 PM

अलीगढ़:

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) ने अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम पर काम शुरू कर दिया है। इसे अंतरिक्ष विभाग के तहत काम करने वाले भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (आईएन-एसपीएसीई/स्पेस) द्वारा मंजूरी दे दी गई है।

इस परियोजना में एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के नाम पर पहला उपग्रह (सैटेलाइट) कार्यक्रम एसएस एएमयू एसएटी का डेवलपमेंट शामिल है। एसएस एएमयू सैट एक नैनोसैटेलाइट प्रोजेक्ट है जो नवंबर 2021 में एएमयू रोबो क्लब के तहत शुरू हुआ था।

सैटेलाइट एक 3यू क्यूबसैट है जिसके कई उद्देश्य हैं, जिसमें सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर भारत के सबसे गरीब जिलों में आर्थिक विकास का अध्ययन और तेजी से मल्टीमीडिया ट्रांसमिशन के लिए इन-हाउस विकसित इमेज कम्प्रेशन तकनीक लागू करना शामिल है।

एसएस एएमयू सैट के अप्रुवल, रजिस्ट्रेशन, फ्रीक्वेंसी आवंटन और लॉन्च के लिए परियोजना जनवरी 2023 में आईएन-स्पेस को प्रस्तुत की गई थी।

सितंबर 2023 में, आईएन-स्पेस के निदेशक डॉ. पी.के. जैन की अध्यक्षता में छात्र उपग्रह समिति ने डिजाइन की समीक्षा की और इस शर्त के साथ प्रस्ताव को मंजूरी दे दी कि एएमयू एसएस एएमयू सैट के विकास से लेकर निचली पृथ्वी कक्षा में लॉन्च होने तक की सभी गतिविधियों के लिए आईएन-स्पेस के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा।

परियोजना में शामिल छात्रों की टीम का नेतृत्व पूर्ति वार्ष्णेय द्वारा किया जा रहा है और डॉ. सी.ए. प्रभाकर (पूर्व परियोजना निदेशक, इसरो) और फ़राज़ अहमद (2013 बैच के पूर्व छात्र) मार्गदर्शन कर रहे हैं।

इस परियोजना को इसरो के साथ काम करने वाले एएमयू के पूर्व छात्रों और दुनिया भर के कई औद्योगिक विशेषज्ञों से तकनीकी सहायता मिली है। यह परियोजना अस्थायी रूप से छह महीने में लॉन्च होने वाली है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.