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केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को लेकर सख्त रुख अपनाया है. सरकार ने कंपनी को नोटिस भेजकर उसके जनरेटिव AI चैटबॉट Grok से जुड़े अश्लील कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, इस पूरे मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर सरकार को सौंपने को कहा गया है.
Grok AI के दुरुपयोग से बढ़ी चिंता
बीते कुछ दिनों से Grok AI के गलत इस्तेमाल के मामले तेजी से सामने आ रहे थे. कई यूजर्स इस चैटबॉट का उपयोग ऐसे निर्देश देने में कर रहे थे, जो प्लेटफॉर्म की नीतियों और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ थे. सरकार के अनुसार, यह सिर्फ टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल नहीं, बल्कि डिजिटल स्पेस में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है.
IT मंत्रालय ने क्यों उठाया यह कदम?
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को यह जानकारी मिली कि कुछ यूजर्स:
- महिलाओं की तस्वीरें अपलोड कर
- Grok AI को उनमें आपत्तिजनक बदलाव करने के निर्देश दे रहे थे
कुछ मामलों में AI ने बिना अनुमति के फोटो में बदलाव जैसा आउटपुट दिया, जिससे आपत्तिजनक और अनुचित सामग्री सामने आई. यह न केवल X की आंतरिक नीतियों का उल्लंघन है, बल्कि भारतीय IT कानूनों के भी खिलाफ माना जाता है.
Ministry of Electronics and Information Technology writes a letter to the Chief Compliance Officer of X Corp. (formerly Twitter) over the failure to observe statutory due diligence obligations under the Information Technology Act, 2000 and the Information Technology (Intermediary… pic.twitter.com/lpXNweaTxz
— ANI (@ANI) January 2, 2026
72 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश
सरकार ने X को साफ निर्देश दिए हैं कि..
- Grok AI की तुरंत समीक्षा की जाए
- कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को मजबूत किया जाए
- भविष्य में ऐसे आउटपुट न आएं, इसके लिए तकनीकी सुधार किए जाएं
इन सभी कदमों की विस्तृत रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी होगी. तय समयसीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
पहले भी दी जा चुकी है चेतावनी
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चेताया हो. साल 2025 के आखिरी हफ्तों में MeitY ने एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया था कि वे अश्लील, वयस्क और अवैध कंटेंट के खिलाफ और सख्ती से कार्रवाई करें. चेतावनी दी गई थी कि नियमों की अनदेखी करने पर प्लेटफॉर्म्स को कड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
Grok AI से जुड़ा यह मामला AI की जिम्मेदारी और नैतिक उपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. सरकार का सख्त रुख यह साफ संकेत देता है कि डिजिटल आज़ादी के साथ जवाबदेही भी जरूरी है. आने वाले समय में यह कार्रवाई भारत में AI और सोशल मीडिया रेगुलेशन की दिशा तय कर सकती है.
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