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E10 Shinkansen: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे के दौरान भारत के पहले हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पर उच्चस्तरीय चर्चा एक बार फिर सुर्खियों में है. यह परियोजना भारत में परिवहन क्षेत्र की दिशा और दशा बदलने वाली मानी जा रही है. दरअसल इस परियोजना के साथ ही देश को मिलने जा रही है पहली तूफानी ट्रेन. जी हां स्पीड के मामले में यह अब तक की सबसे तेज ट्रेन होगी. बताया जा रहा है कि ये ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद की दूरी महज 2 घंटे में पूरी कर लेगी. आइए जानते हैं E10 शिंकानसेन ट्रेन की क्या है खासियत.
2017 में रखी गई थी नींव, 2027 से दौड़ेगी पहली ट्रेन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला सितंबर 2017 में गुजरात के साबरमती में प्रधानमंत्री मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने मिलकर रखी थी. भारत और जापान के बीच हुए समझौते के तहत जापान इस प्रोजेक्ट में 80 प्रतिशत धनराशि सॉफ्ट लोन के रूप में दे रहा है.
शुरुआती चरण में देरी के बावजूद अब निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है. उम्मीद है कि परियोजना का पहला चरण 2027 तक गुजरात में शुरू हो जाएगा, जबकि पूरी 508 किलोमीटर की सेवा 2028 तक चालू होने का लक्ष्य है. यह ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद तक की दूरी मात्र 2 घंटे 7 मिनट में तय करेगी.
E10 Shinkansen भारत के लिए भविष्य की ट्रेन
शुरुआत में भारत को जापान की मशहूर E5 शिंकानसेन ट्रेनों की आपूर्ति की योजना थी, हालांकि बाद जापान सरकार ने भारत को अगली पीढ़ी की E10 शिंकानसेन ट्रेन देने का प्रस्ताव दिया है. जो आने वाले भारत का भविष्य भी बताई जा रही है.
इस खास फूल से प्रेरित है ट्रेन का डिजाइन
बता दें कि E10 शिंकासेन ट्रेन का डिजाइन जापान के सकुरा (चेरी ब्लॉसम) फूल से प्रेरित है और इसमें अत्याधुनिक भूकंप-रोधी तकनीकें शामिल हैं. यह ट्रेन जापान में 2030 से परिचालन में आएगी, लेकिन भारत को शुरुआत में अस्थायी रूप से E5 सीरीज का इस्तेमाल करना होगा.
ये है E10 ट्रेन की खास बातें
- अधिकतम गति: 320 किमी/घंटा (तकनीकी क्षमता: 360 किमी/घंटा)
- भूकंप-रोधी तकनीक: L-शेप गाइड और लैटरल डैम्पर्स से सुरक्षा
- बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम: सिर्फ 3.4 किमी में पूरी तरह रुकने की क्षमता (E5 की तुलना में 15% बेहतर)
- अंदरूनी सुविधाएं: व्हीलचेयर के लिए विशेष सीटें, फ्लेक्सी सीटिंग, अधिक सामान रखने की जगह
- बिजनेस क्लास: लेदर रिक्लाइनर सीट्स, इन-बिल्ट डेस्क, ऑनबोर्ड वाई-फाई
- भविष्य में ऑटोमेटेड संचालन की क्षमता
भारतीय चालकों को जापान में मिल रही ट्रेनिंग
पीएम मोदी अपने दौरे में उन भारतीय चालकों से मुलाकात कर सकते हैं जो जापान में बुलेट ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं. इससे न केवल तकनीकी सहयोग को बल मिलेगा, बल्कि भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिलेगा.
अन्य हाई-स्पीड कॉरिडोर की योजना
इसके अलावा भी इस दौरे में पीएम मोदी और जापान के मौजूदा प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा अन्य संभावित बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स पर भी विचार कर सकते हैं. भारत सरकार पहले ही पुणे-अहमदाबाद, दिल्ली-अमृतसर (चंडीगढ़ होते हुए) समेत पांच अन्य हाई-स्पीड कॉरिडोर्स की पहचान कर चुकी है.