ओडिशा में DRDO ने किए VSHORADS मिसाइल के तीन सफल परीक्षण, जानें इसकी खासियत

डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर से VSHORADS मिसाइल के तीन सफल परीक्षण किए. यह कंधे से दागी जाने वाली स्वदेशी प्रणाली दुश्मन के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ते फाइटर जेट को मार गिराने में सक्षम है.

डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर से VSHORADS मिसाइल के तीन सफल परीक्षण किए. यह कंधे से दागी जाने वाली स्वदेशी प्रणाली दुश्मन के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ते फाइटर जेट को मार गिराने में सक्षम है.

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Deepak Kumar
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Photograph: (RMO India)

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रटेड टेस्ट रेंज से बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली VSHORADS के लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण किए हैं. इन परीक्षणों का उद्देश्य यह साबित करना था कि यह मिसाइल अलग-अलग ऊंचाई, दूरी और तेज रफ्तार से आने वाले हवाई खतरों को सटीक तरीके से नष्ट कर सकती है. तो आइए जानते हैं वीएसएचओआरएडीएस मिसाइल और इसकी खासियत के बारे में.

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रक्षा मंत्रालय ने मिसाइल परीक्षण को लेकर दी ये जानकारी

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीनों परीक्षण पूरी तरह सफल रहे. इस दौरान मिसाइल ने दुश्मन के लड़ाकू विमान जैसी परिस्थितियों में तैयार किए गए हाई-स्पीड हवाई लक्ष्यों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर मार गिराया. खास बात यह रही कि परीक्षण अंतिम तैनाती कॉन्फिगरेशन में किए गए, जहां फील्ड ऑपरेटरों ने खुद लक्ष्य की पहचान की और मिसाइल दागी.

क्या है VSHORADS?

VSHORADS एक मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे सैनिक अपने कंधे पर रखकर दाग सकते हैं. इसे खासतौर पर दुश्मन के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले फाइटर जेट को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है. यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित प्रणाली है. इसका विकास रिसर्च सेंटर इमारत ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर किया है.

परीक्षण के दौरान टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम से डेटा रिकॉर्ड किया गया. इस डेटा से साबित हुआ कि मिसाइल हर प्रकार के हवाई खतरे से निपटने में सक्षम है. इन यूजर वैलिडेशन ट्रायल्स में तीनों सेनाओं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO, सशस्त्र बलों और उद्योगों को बधाई दी. वहीं DRDO के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने भी इसे बड़ी उपलब्धि बताया. माना जा रहा है कि यह प्रणाली जल्द ही भारतीय सेनाओं में शामिल की जा सकती है.

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DRDO VSHORADS missile INDIA
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