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Photograph: (RMO India)
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रटेड टेस्ट रेंज से बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली VSHORADS के लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण किए हैं. इन परीक्षणों का उद्देश्य यह साबित करना था कि यह मिसाइल अलग-अलग ऊंचाई, दूरी और तेज रफ्तार से आने वाले हवाई खतरों को सटीक तरीके से नष्ट कर सकती है. तो आइए जानते हैं वीएसएचओआरएडीएस मिसाइल और इसकी खासियत के बारे में.
रक्षा मंत्रालय ने मिसाइल परीक्षण को लेकर दी ये जानकारी
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीनों परीक्षण पूरी तरह सफल रहे. इस दौरान मिसाइल ने दुश्मन के लड़ाकू विमान जैसी परिस्थितियों में तैयार किए गए हाई-स्पीड हवाई लक्ष्यों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर मार गिराया. खास बात यह रही कि परीक्षण अंतिम तैनाती कॉन्फिगरेशन में किए गए, जहां फील्ड ऑपरेटरों ने खुद लक्ष्य की पहचान की और मिसाइल दागी.
The @DRDO_India has successfully conducted three successive flight trials of Very Short-Range Air Defence System (VSHORADS) from Integrated Test Range (ITR), Chandipur off the coast of Odisha.
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) February 27, 2026
These tests were carried out to revalidate the capability of VSHORADS missile system… pic.twitter.com/5dtAb45MHG
क्या है VSHORADS?
VSHORADS एक मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे सैनिक अपने कंधे पर रखकर दाग सकते हैं. इसे खासतौर पर दुश्मन के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले फाइटर जेट को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है. यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित प्रणाली है. इसका विकास रिसर्च सेंटर इमारत ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर किया है.
Raksha Mantri Shri @rajnathsingh has congratulated @DRDO_India, Armed Forces and the industries for the successful flight tests of the system and stated that three consecutive successive flight trails of VSHORADS is a great success and thus system can soon be inducted into armed… https://t.co/uarDq3BP0V
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) February 27, 2026
परीक्षण के दौरान टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम से डेटा रिकॉर्ड किया गया. इस डेटा से साबित हुआ कि मिसाइल हर प्रकार के हवाई खतरे से निपटने में सक्षम है. इन यूजर वैलिडेशन ट्रायल्स में तीनों सेनाओं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO, सशस्त्र बलों और उद्योगों को बधाई दी. वहीं DRDO के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने भी इसे बड़ी उपलब्धि बताया. माना जा रहा है कि यह प्रणाली जल्द ही भारतीय सेनाओं में शामिल की जा सकती है.
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