/newsnation/media/media_files/2026/01/14/bjp-slams-karnataka-cm-and-deputy-cm-for-welcomes-rahul-gandhi-instead-german-chancellor-2026-01-14-09-27-03.jpg)
Karnataka
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को राहुल गांधी का स्वागत करने की वजह से आलोचना झेलनी पड़ रही है. दरअसल, एक दिन पहले यानी 13 जनवरी को राहुल गांधी मैसूर एयरपोर्ट गए थे और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी कल बेंगलुरु एयरपोर्ट गए थे लेकिन दिक्कत इस वजह से हुई कि प्रदेश के सीएम और डिप्टी सीएम जर्मनी के राष्ट्राध्यक्ष को छोड़कर राहुल गांधी का स्वागत करने पहुंच गए. जर्मन चांसलर की अगुवानी प्रदेश के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री, एमबी पाटिल को बेंगलुरू एयरपोर्ट पर करनी पड़ी.
भाजपा ने की आलोचना
भाजपा ने इस पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार राज्य के विकास के ज्यादा हाई कमान को खुश करने को प्राथमिकता दे रही है. भाजपा नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने इसको लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के काम गलत प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं. पोस्ट में अशोक ने लिखा- जर्मन चांसल ने आज कर्नाटक का दौरा किया, हमारे राज्य के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण क्षण था. एक मुख्यमंत्री इस प्रकार की यात्रा को अच्छे से अच्छा बनाने की कोशिश करता, जिससे प्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार का लाभ मिल पाए लेकिन आज देखिए जब जर्मन चांसलर बेंगलुरू में उतरे तो सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार मैसूर में राहुल गांधी को रिसीव कर रहे थे. खास बात है कि राहुल गांधी ऊटी जा रहे थे.
Misplaced priorities
— R. Ashoka (@RAshokaBJP) January 13, 2026
Missed opportunities
Today, the German Federal Chancellor visited Karnataka - a moment of immense diplomatic, economic and strategic significance for our state.
Any other responsible Chief Minsiter would have personally ensured that such a visit was… https://t.co/pDjq5Oj6q2pic.twitter.com/t8k981Q60K
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के राष्ट्राध्यक्ष का स्वागत न करना राज्य के हितों के प्रति कांग्रेस की गहरी अपेक्षा दिखाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम और डिप्टी सीएम के लिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास से ज्यादा महत्वपूर्ण हाई कमान को खुश करना हो गया है.
क्यों बेंगलुरू आए थे जर्मन चांसलर
बता दें, जर्मन चांसलर अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ अडुगोडी स्थित बॉश कैंपस गए थे. इसके बाद वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस में सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग भी गए.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us