/newsnation/media/media_files/PzQXBjl4htrtZm74SHcA.jpg)
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और देश की दस प्रमुख केंद्रीय और देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है. यह बंद भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में किया है. आंदोलन को INTUC, AITUC, CITU, HMS समेत कई राष्ट्रीय यूनियनों का समर्थन मिला है. संगठनों का दावा है कि करीब 30 करोड़ मजदूर हड़ताल में हिस्सा लेंगे.
बंद का समर्थन बैंक यूनियनों के शामिल होने से देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने के आसार हैं. AIBEA, AIBOA और BEFI जैसी यूनियनों ने हड़ताल में शामिल हैं. इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज पर असर हो सकता है.
इन मुद्दों पर आंदोलन
सबसे पहला भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध किया गया है. इसके साथ चार नए लेबर कोड वापसी की मांग की गई है. सरकारी उपक्रमों के निजीकरण का विरोध किया गया है. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की गई है. न्यूनतम वेतन में वृद्धि, निर्माण और बिजली क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है. कृषि संबंधित कानूनों और नीतियों में बदलाव की मांग रखी गई है.
जानें किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?
1. परिवहन सेवाएं
कई राज्यों में बस, ऑटो और लॉरी ड्राइवर्स यूनियनों के समर्थन के कारण परिवहन सेवाओं पर असर होगा।
2. बैंकिंग सेवाएं
बैंकों में काउंटर सेवाएं पर असर होगा। चेक क्लीयरेंस में देरी के आसार हैं। इस दौरान बैंक बंद नहीं होने वाले।
3. बाजार और व्यापार
कई व्यापारिक संगठनों ने इसका समर्थन दिया है। इससे बड़े शहरों में थोक और खुदरा बाजार आंशिक रूप से बंद रहने वाले हैं।
4. सरकारी कार्यालय
ट्रेड यूनियनों के अधिक प्रभाव वाले विभागों में कर्मियों की उपस्थिति होने की संभावना है। इससे सरकारी कामकाज धीमा होगा।
5. स्कूल और कॉलेज
सुरक्षा को लेकर कुछ राज्यों में जिला प्रशासन स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान कर सकता है।
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us