/newsnation/media/media_files/2025/12/11/bangladesh-election-2026-2025-12-11-19-07-12.jpg)
मुहम्मद यूनुस और शेख हसीना
Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में अगले साल (12 फरवरी 2026) को आम चुनाव होने की घोषणा की गई है.ये चुनाव देश की राजनीति को नया आकार देंगे.लेकिन इस बार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामीलीग पार्टी इन चुनावों सेबाहर होगी.राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बार चुनाव मैदान में देश की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और नवगठित नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के बीच जोरदार मुकाबला हो सकता है.
दरअसल, बांग्लादेश में यह चुनाव न सिर्फ लोकतंत्र की परीक्षा होगा बल्कि 2024 के छात्र आंदोलन के बाद उभरी नई राजनीतिक हस्तियों को भी परखेगा.बता दें शेख हसीना जो 15 साल तक देश की सत्ता पर काबिज रहीं उन्हें अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी.
#BreakingNews | Bangladesh to hold polls on Feb 12, 2026, first since former Prime Minister Sheikh Hasina's ouster. pic.twitter.com/Tg7yLNVDVi
— DD News (@DDNewslive) December 11, 2025
शेख हसीना के पतन के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश में बनाई गई थी अंतरिम सरकार
शेख हसीना के पतन के बाद नोबेल विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनी, जिसने मई 2025 में आवामीलीग पर कड़ा प्रहार करते हुए शेख हसीना की पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दियाऔर उस पर एंटी-टेररिज्मएक्ट के प्रतिबंध लगा दिए.बता दें बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने वॉरक्राइम्स की जांच और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए पूर्व पीएम शेख हसीना पर कड़ी प्रतिबंध लगाए.जिस पर हसीना ने दिल्ली में बयान देते हुए 'अन्यायपूर्ण' बताया था.
BNP की अगुवाई में बांग्लादेश में बदलाव की उम्मीद
बांग्लादेश मीडिया के अनुसार BNP की अगुवाई में देश में बदलाव की उम्मीद है.वर्तमान हालातों में आवामीलीग के बिना बीएनपी चुनावी दौड़ में सबसे आगे नजर आ रही है.पूर्व मेयर खालिदा जिया के नेतृत्व में बीएनपी ने सुधारों की वकालत की है.वहीं, दूसरी तरफ जमात-ए-इस्लामी देश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी बनकर उभर रही है.बता दें साल 2018 में हसीना सरकार ने इसे प्रतिबंधित किया था, लेकिन अब यह धार्मिक-रूढ़िवादी वोट बैंक के साथ उभर रही है.
NCP देश का तीसरा बड़ा चेहरा बनकर उभर रही है
इन सब के अलावा NCP देश का तीसरा बड़ा चेहरा बनकर उभर रही है.एनसीपी में 2024 छात्र आंदोलन के नेता शामिल हैं.यह नई पार्टी युवाओं की आवाज बनकर उभरी है, जो भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और समावेशी विकास का वादा कर रही.बहरहाल, बांग्लादेश में चुनाव बाद अस्थिरता आएगी या नई शुरुआत? ये आने वाला वक्त की बताएगा.
ये भी पढ़ें: Bahraich Violence: बहराइच हिंसा के आरोपी सरफराज को फांसी की सजा, नौ को उम्रकैद; रामगोपालमिश्रा की हत्या के दोषी
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us