/newsnation/media/media_files/2026/03/03/assam-elecxtions-congress-list-2026-03-03-21-23-02.jpg)
Assam Elections 2026: असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मार्च-अप्रैल में मतदान होने की संभावना है और निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा कभी भी हो सकती है. इसी बीच कांग्रेस ने 42 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर चुनावी शंखनाद कर दिया है. इस सूची में कई अनुभवी चेहरों के साथ-साथ कुछ नए नाम भी शामिल हैं, जिनके जरिए पार्टी क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश कर रही है.
प्रमुख चेहरों पर दांव
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता और जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई को जोरहाट विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है. यह फैसला पार्टी की रणनीतिक सोच को दर्शाता है, क्योंकि जोरहाट क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है.
सिलचर से अभिजीत पॉल, माजुली से इंद्रनील पेगु और दिसपुर से मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को उम्मीदवार बनाया गया है. बरचल्ला से रिपुन बोरा को टिकट देकर पार्टी ने ऊपरी असम में अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है.
आरक्षित और सामान्य सीटों का संतुलन
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने अपर असम, लोअर असम और बराक घाटी के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है.
बोंगाईगांव से गिरीश बरुआ, बरपेटा (SC) से महानंदा सरकार और बोको-चायगांव (SC) से रामेन सिंह राभा को टिकट दिया गया है. हाजो-सुआलकुची (SC) से नंदिता दास और कमलपुर से सत्यब्रत कलिता मैदान में होंगे.
इसके अलावा, बरखेत्री से दिगंता बर्मन, नलबाड़ी से अशोक कुमार सरमा और तिहु से रतुल पटुवारी को उम्मीदवार बनाया गया है. सिपाझार से बिनंदा कुमार सैकिया, जागीरोड (SC) से बुबुल दास, रूपाहिहाट से नूरुल होदा, समागुरी से तंजील हुसैन और राहा (SC) से उत्पल बनिया भी पार्टी की पहली सूची में शामिल हैं.
असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 👇 pic.twitter.com/6UWsc2WAm7
— Congress (@INCIndia) March 3, 2026
मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका
पहली सूची में कई मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि पार्टी अनुभव और निरंतरता पर भरोसा जता रही है. कांग्रेस का मानना है कि जिन क्षेत्रों में संगठन मजबूत है और कार्यकर्ता सक्रिय हैं, वहां मौजूदा चेहरों के जरिए बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है.
मौजूदा विधानसभा का गणित
वर्तमान विधानसभा में बीजेपी के 64 सदस्य हैं. उसके सहयोगियों में असोम गण परिषद के 9, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिब्रेशन के 7 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के 3 विधायक शामिल हैं.
विपक्ष में कांग्रेस के 26 विधायक हैं, जबकि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के 15 और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (Marxist) का एक विधायक है. एक निर्दलीय सदस्य भी सदन में मौजूद है.
पिछला चुनाव और बदलते समीकरण
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन ने 75 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी. यह राज्य में पहली बार था जब किसी गैर-कांग्रेसी गठबंधन ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की. वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 50 सीटें हासिल की थीं, जो 2016 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन था.
इस बार कांग्रेस की कोशिश है कि वह अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए नए सामाजिक समीकरण बनाए और सत्ता में वापसी का रास्ता तैयार करे.
क्या होगी आगे की रणनीति
पहली सूची जारी कर कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह चुनावी तैयारी में पीछे नहीं रहना चाहती. अब निगाहें अन्य दलों की प्रत्याशी सूचियों और चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं. आने वाले हफ्तों में प्रचार अभियान, गठबंधन की संभावनाएं और मुद्दों की धार ही तय करेगी कि असम की सियासत किस दिशा में मुड़ेगी.
यह भी पढ़ें - जुबली हिल्स उपचुनाव: कांग्रेस से मोहम्मद अजहरुद्दीन को मिल सकता है टिकट, मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने दिए संकेत
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us