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भारतीय सेना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 2026 की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह की नापाक कोशिश का तुरंत और करारा जवाब दिया जाएगा.
आतंकी ढांचे पर सेना की पैनी नजर
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, सेना प्रमुख ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास करीब 8 सक्रिय आतंकी कैंपों की ठोस जानकारी है. इनमें से 2 कैंप इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) के पास और 6 कैंप लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) क्षेत्र में स्थित हैं.
जनरल द्विवेदी ने साफ किया कि भारतीय सेना इन सभी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है.
तीनों सेनाओं का बेहतरीन तालमेल
सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को आर्मी, एयर फोर्स और नेवी के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन न सिर्फ रणनीतिक रूप से मजबूत था, बल्कि तकनीकी और ऑपरेशनल स्तर पर भी बेहद सटीक रहा. उनके मुताबिक, यह मिशन भारत की संयुक्त सैन्य क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की ताकत को दर्शाता है.
88 घंटे में निर्णायक कार्रवाई
ऑपरेशन की सफलता पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने बताया कि इसे बेहद सूक्ष्म योजना और सटीक क्रियान्वयन के साथ अंजाम दिया गया. पूरे ऑपरेशन में कुल 88 घंटे लगे, जबकि शुरुआती 22 मिनट के भीतर ही मुख्य हमले शुरू कर दिए गए थे. इस कार्रवाई से आतंकी ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचा और पाकिस्तान की वर्षों पुरानी परमाणु धमकी की रणनीति भी बेअसर साबित हुई.
केवल आतंकी ठिकानों को बनाया गया निशाना
सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में कुल 9 लक्ष्यों में से 7 को पूरी तरह तबाह कर दिया गया. खास बात यह रही कि भारतीय सेना ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, किसी भी नागरिक आबादी या पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचाया गया. उन्होंने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर जमीनी कार्रवाई के लिए भी सेना पूरी तरह तैयार थी.
जमीनी लड़ाई की पूरी तैयारी
जनरल द्विवेदी के अनुसार, पाकिस्तान और PoK में की गई कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए संभव हो पाया क्योंकि भारत ने समय रहते अपनी सैन्य तैनाती और ताकत का विस्तार किया था.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की ऐसी रणनीतिक तैनाती थी कि अगर पाकिस्तान ने कोई भी गलत कदम उठाया होता, तो भारत तुरंत ग्राउंड ऑफेंसिव शुरू करने की स्थिति में था.
सेना प्रमुख के बयान से साफ है कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि पूर्व-तैयारी और निर्णायक कार्रवाई की नीति पर काम कर रहा है. पाकिस्तान के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है हर हरकत की कीमत चुकानी होगी.
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