US-India डील को AAP ने बताया किसान और जनता पर महंगाई का बोझ, सरकार बोली- सबसे अच्छा समझौता

अमेरिका भारत व्यापार समझौते को लेकर सियासी पारा हाई है. एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक समझौता बता रही है तो वहीं विपक्ष की ओर से डील को लेकर विरोध जताया जा रहा है.

अमेरिका भारत व्यापार समझौते को लेकर सियासी पारा हाई है. एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक समझौता बता रही है तो वहीं विपक्ष की ओर से डील को लेकर विरोध जताया जा रहा है.

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Dheeraj Sharma
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US India Deal

अमेरिका भारत व्यापार समझौते को लेकर सियासी पारा हाई है. एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक समझौता बता रही है तो वहीं विपक्ष की ओर से डील को लेकर विरोध जताया जा रहा है. इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी मंगलवार को एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि  ये दिन भारत के करोड़ों किसानों और आम जनता के लिए काला दिन है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश को विश्वास में लिए बिना अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया है और महंगाई व किसान बर्बादी की नींव रख दी है. संजय सिंह ने यह भी कहा कि 'हैरानी की बात यह है कि इस फैसले की जानकारी भारत सरकार ने नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने ट्वीट करके दी.' 

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क्या बोले आप सांसद

आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से बताया कि अब भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का तेल घटिया गुणवत्ता वाला होता है, जिसे रिफाइन करना बेहद महंगा पड़ता है. यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का तेल रूस की तुलना में कहीं ज्यादा महंगा है. आप सांसद के मुताबिक अमेरिका से तेल खरीदेंगे तो इसका सीधा असर भारत की जनता पर पड़ेगा. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये डील की क्यों गई. 

किसानों के लिए भी खड़ी होगी परेशानी

आप नेता संजय सिंह के मुताबिक इस डील के बाद किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा. सिंह का दावा है कि सरकार ने अमेरिका से आने वाले सभी कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क लगाने का निर्णय किया है. इसका मतलब है कि अमेरिका से आने वाला कपास, गेहूं, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद टैक्स फ्री होंगे.  इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते बिकेंगे और भारतीय किसानों की फसल कोई खरीदने वाला नहीं रहेगा.

सरकार ने बताया सबके फायदा का समझौता

वहीं केंद्र सरकार की ओर से इस डील को सबके फायदे वाली डील करार दिया गया है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जवाब भी दिया कि आखिर ट्रंप ने इस डील के बारे में क्यों जानकारी दी. पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका ने टैरिफ लगाया था और यह फैसला भी उन्हीं का था कि वे इसे घटाएंगे. जब उन्होंने टैरिफ घटाया तो स्वभाविक है कि उनको ही ये जानकारी दुनिया के देनी चाहिए. सरकार का तर्क साफ था कि इस समस्या की शुरुआत अमेरिका ने की थी इसका अंत भी अमेरिका ने ही किया है. 

यही नहीं उन्होंने सरकार के सरेंडर वाले सवाल पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कूटनीति में हमेशा शोर मचाना जरूरी नहीं है. जब अमेरिका ने 50 फीसदी टैरिफ लगाया तब भी काफी शोर मचा था, तमाम तरह की बातें होने लगी थीं. लेकिन सरकार ने संयम बरता और कोई जवाबी बयान नहीं दिया. इस बार भी सरकार संयम के साथ देश हित में बढ़ रही है. 

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