यूपी के बाढ़ प्रभावित 22 जिलों के लिए 804 इंफ्लेटेबल बोट्स खरीदेगी सरकार

यूपी के बाढ़ प्रभावित 22 जिलों के लिए 804 इंफ्लेटेबल बोट्स खरीदेगी सरकार

यूपी के बाढ़ प्रभावित 22 जिलों के लिए 804 इंफ्लेटेबल बोट्स खरीदेगी सरकार

author-image
IANS
New Update
22-804--20231223164506

(source : IANS)( Photo Credit : (source : IANS))

बाढ़ से प्रभावित होने वाले प्रदेश के 22 जिलों को लेकर सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके तहत घाघरा/सरयू, राप्ती और शारदा नदियों के बेसिन में बसे 2,412 गांवों के लिए 804 इंफ्लेटेबल बोट्स की खरीद का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सरकार 80.40 करोड़ की धनराशि खर्च करेगी।

Advertisment

जल्द ही राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अहम बात यह है कि इन बोट्स का संचालन स्थानीय लोगों द्वारा ही किया जाएगा। इसके एवज में सरकार उन्हें पारश्रमिक भी देगी। राहत आयुक्त जीएस नवीन ने बताया कि बाढ़ और जल भराव को लेकर सेटेलाइट के जरिये पूरे प्रदेश की गहन मैपिंग कराई गई। इसमें पाया गया कि प्रदेश में घाघरा सरयू, राप्ती और शारदा नदियों के बेसिन में बसे 2,412 गांव ज्यादातर बाढ़ से प्रभावित रहते हैं। इस भूभाग को वर्गीकृत करते हुए उन स्थानों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जहां बीते 10 से 7 साल में प्रतिवर्ष बाढ़ का प्रकोप झेलना पड़ा।

मैपिंग में पाया गया कि 15 सौ किलोमीटर के क्षेत्रफल में बसे इन गांवों को बाढ़ से निपटने के लिए पहले से ही तैयार करना जरूरी है ताकि जनहानि को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके। इसके लिए करीब तीन गांवों के बीच एक बोट्स की जरूरत महसूस की गई, जिसे मुख्यमंत्री से अवगत कराया गया। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित 22 जिलों की समस्या को ध्यान में रखते हुए बोट्स की खरीद को हरी झंडी दे दी।

राहत इमरजेंसी परियोजना निदेशक अदिति उमराव ने बताया कि बोट्स खरीद की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इसमें पहले चरण में 6 जिलों बलिया, बलरामपुर, देवरिया, गोंडा, गोरखपुर और भदोही के लिए 400 बोट्स खरीदी जाएंगी। जबकि, दूसरे चरण में शेष 16 जिलों के लिए 404 बोट्स खरीदी जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बोट्स खरीद के लिए समिति में एसडीआरएफ के एक अधिकारी को तकनीकी सदस्य के रूप में नामित किया जाएगा। इन बोट्स की खरीद के लिए स्पेसिफिकेशन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ से प्राप्त किए जाएंगे।

इन बोट्स के देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित लेखपाल को दी जाएगी, जिन्हें टीन का बॉक्स उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें वह रेस्क्यू के बाद सारी सामग्री सुरक्षित रखेंगे। इस बॉक्स को पंचायत भवन व अन्य स्थानीय शासकीय भवन में रखा जाएगा। वहीं, इसके मेंटीनेंस की जिम्मेदारी एएमसी की होगी। इतना ही नहीं बाढ़ के दौरान तत्काल राहत पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों को बोट्स चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

स्थानीय लोगों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल व कोस्ट गार्ड द्वारा बोट्स संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन आपदा मित्रों को बाढ़ के दौरान बोट्स के संचालन के लिए श्रम विभाग के शासनादेश के अनुसार दैनिक मानदेय दिया जाएगा।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Source : IANS

Advertisment