बलूचिस्तान हमलों को लेकर पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप, एमईए ने दिया मुंहतोड़ जवाब

बलूचिस्तान हमलों को लेकर पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप, एमईए ने दिया मुंहतोड़ जवाब

बलूचिस्तान हमलों को लेकर पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप, एमईए ने दिया मुंहतोड़ जवाब

author-image
IANS
New Update
New Delhi: Randhir Jaiswal holds weekly media briefing

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में हुए हालिया हमले को लेकर आतंक को पोषित करने वाले देश पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया। भारत ने पाकिस्तान को रविवार को मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत ने बलूचिस्तान में हमलों को लेकर नई दिल्ली के खिलाफ पाकिस्तान के हालिया बयान की आलोचना की और इसे बेबुनियाद और अपनी अंदरूनी कमियों से ध्यान हटाने के लिए इस्लामाबाद का आम तरीका बताया।

Advertisment

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह बेबुनियाद दावे करना बंद करे और इलाके के लोगों की मांगों को पूरा करने पर ध्यान दे।

एमईए ने कहा, हम पाकिस्तान के बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं, जो उसकी अपनी अंदरूनी कमियों से ध्यान हटाने के उसके आम तरीके हैं। हर बार जब कोई हिंसक घटना होती है तो बेबुनियाद दावे करने के बजाय, उसे इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का उसका रिकॉर्ड जगजाहिर है।

शनिवार को बलूचिस्तान में हमले की जानकारी सामने आई। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इन हमलों में भारत के शामिल होने का आरोप लगाया था।

नवंबर 2022 में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की पाक सरकार के साथ सीजफायर खत्म करने के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हमलों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई।

इस बीच बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान प्रांत में हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। उसका दावा है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियों और काउंटर-टेररिज्म यूनिट्स के लोगों समेत 80 से ज्यादा लोग मारे गए। उग्रवादी समूह ने इस हमले को ‘ऑपरेशन हीरो फेज 2’ बताया।

बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने एक बयान में कहा कि ये हमले करीब दस घंटे तक चले और बलूचिस्तान के कई जिलों में किए गए। ऑपरेशन का निशाना वे थे, जिन्हें समूह ने जरूरी सुरक्षा, सैन्य और प्रशासनिक जगहें बताया।

बीएलए ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने क्वेटा, नोश्की, मस्तुंग, दलबंदिन, कलात और कई दूसरे शहरों में हमला किया।

द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन इलाकों को पाकिस्तानी सरकार का जरूरी सैन्य और प्रशासनिक केंद्र माना जाता है। ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के सुरक्षाबलों के कम से कम 84 सदस्य मारे गए, जबकि कई दूसरे घायल हो गए।

समूह ने आगे दावा किया कि हमलों के दौरान 18 सुरक्षा वालों को बंदी बना लिया गया था।

संगठन ने यह भी दावा किया कि 30 से ज्यादा सरकारी संपत्तियां या तो जब्त कर ली गईं या उन्हें नष्ट कर दिया गया। इनमें सरकारी ऑफिस, बैंक और जेल शामिल थे। इसके अलावा, समूह ने दावा किया कि सुव्यवस्थित हमले के हिस्से के तौर पर 20 से ज्यादा गाड़ियों में आग लगा दी गई।

बीएलए ने कहा कि उसके लड़ाके कई इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गतिविधियों को कुछ समय के लिए रोकने में कामयाब रहे और ऑपरेशन के दौरान कुछ समय के लिए कुछ जोन पर नियंत्रण का दावा किया।

बलूचिस्तान पाकिस्तानी अधिकारियों के हाथों लगातार हो रहे जुल्मों से जूझ रहा है, जो इस इलाके में डेथ स्क्वॉड को मदद करते हैं ताकि बलूच लोगों को जबरदस्ती गायब किया जा सके, अतिरिक्त न्यायेतर हत्याएं की जा सके और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया जा सके।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment