वॉशिंगटन पोस्ट ने एक-तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

वॉशिंगटन पोस्ट ने एक-तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

वॉशिंगटन पोस्ट ने एक-तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

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IANS
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Washington Post slashes global newsroom, lays off staff (Photo: @washingtonpost/X)

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वॉशिंगटन , 4 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका की मशहूर अखबार कंपनी, द वाशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को अपने कर्मचारियों में से लगभग एक-तिहाई को नौकरी से हटा दिया। इससे न्यूजरूम को एक और बड़ा झटका लगा है और कंपनी की अंतरराष्ट्रीय कवरेज भी काफी कम हो गई है।

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अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों में बड़े पैमाने पर छंटनी की, जिससे पत्रकारों में चिंता और निराशा की लहर फैल गई। कई पत्रकारों ने कहा कि इस कदम से दुनिया की खबरों की कवरेज कमजोर होगी, जबकि वैश्विक संकट लगातार बढ़ रहा है।

छंटनी का शिकार हुए वरिष्ठ विदेश मामलों के कॉलमिस्ट इशान थरूर ने सोशल मीडिया पर कहा, “आज मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया, साथ ही अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई अन्य शानदार सहयोगी भी प्रभावित हुए। मैं हमारे न्यूजरूम और खासकर उन बेहतरीन पत्रकारों के लिए दुखी हूं, जिन्होंने पोस्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम किया- एडिटर्स और संवाददाता जो पिछले लगभग 12 वर्षों से मेरे मित्र और सहयोगी रहे हैं।”

थरूर ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू कॉलम शुरू किया था, ताकि पाठकों को दुनिया और अमेरिका की भूमिका को बेहतर समझने में मदद मिल सके। उन्होंने अपनी आभारी भावनाएं जताते हुए कहा कि उनके कॉलम को वर्षों में आधा मिलियन वफादार सब्सक्राइबर पढ़ते रहे।

अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों की छंटनी का असर बहुत बड़ा है। एवान ए. फैगेनबॉम ने बताया कि अखबार ने अपने एशिया एडिटर, न्यू दिल्ली ब्यूरो चीफ, सिडनी ब्यूरो चीफ, काहिरा ब्यूरो चीफ, पूरे मिडिल ईस्ट रिपोर्टिंग टीम, चीन, ईरान, तुर्की के संवाददाता और कई अन्य कर्मचारियों को हटा दिया।

फैगेनबॉम ने कहा, “दुनिया हर मिनट अमेरिका-केंद्रित होने की बजाय और कम हो रही है, जबकि अमेरिका पहले से ज्यादा अमेरिका-केंद्रित होता जा रहा है। यह फैसला इस समय की स्थिति का एक उदास लेकिन सही प्रतिबिंब है।”

अन्ना फिफील्ड, जिन्हें एशिया एडिटर के रूप में हटाया गया, उन्होंने कहा कि “अद्भुत पत्रकारों और इंसानों के साथ काम करना एक बहुत बड़ी सौभाग्य की बात थी।” प्रंशु वर्मा न्यू दिल्ली ब्यूरो चीफ थे, उन्होंने इसे “सम्मान की बात” बताया।

कर्मचारियों को सूचित किया गया कि आज घर रहें। कार्यकारी संपादक मैट मरे ने एक आंतरिक मेमो में कहा कि इन कदमों से लगभग सभी समाचार विभागों को प्रभावित करेगी, जिसमें न्यूजरूम में बड़े पैमाने पर कटौती शामिल है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कवरेज काफी कम हो जाएगी, हालांकि कुछ विदेशी ब्यूरो को रणनीतिक रूप से बनाए रखा जाएगा।

छंटनी में मेट्रो डेस्क में बड़ी कटौती, स्पोर्ट्स सेक्शन का लगभग पूरी तरह बंद होना, बुक्स सेक्शन का बंद होना और दैनिक “पोस्ट रिपोर्ट्स” पॉडकास्ट को रद्द करना शामिल है। व्यवसायिक पक्ष में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।

उन्होंने ने कहा कि यह पुनर्गठन “हमारे पत्रकारिता मिशन की सेवा में भविष्य सुरक्षित करने और स्थिरता प्रदान करने में मदद करेगा,” लेकिन कई कर्मचारियों ने सार्वजनिक रूप से संदेह जताया।

कैरोलाइन ओ’डोनोवन, अमेजन बीट रिपोर्टर ने लिखा, “मैं बाहर हूं और कई बेहतरीन लोग भी निकाले गए हैं। यह भयानक है।” इमैनुएल फेल्टन, रेस और एथनिसिटी रिपोर्टर ने कहा, “यह कोई वित्तीय फैसला नहीं था, यह वैचारिक फैसला था।”

पोस्ट के मालिक जेफ बेजोस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने प्रबंधन को अखबार को लाभकारी बनाने के लिए कहा था, जिससे न्यूजरूम में आलोचना का सामना करना पड़ा।

पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टी बैरन ने कहा कि यह “दुनिया के सबसे बड़े न्यूज संगठन में सबसे अंधेरे दिनों में से एक” है। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक चुनौतियां थीं, लेकिन ऊपर से लिए गए गलत फैसलों ने उन्हें और बिगाड़ दिया।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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