भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और रोजगार सृजित होंगे: उद्योग संगठन

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और रोजगार सृजित होंगे: उद्योग संगठन

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और रोजगार सृजित होंगे: उद्योग संगठन

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IANS
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US trade deal to boost global competitiveness of Indian products: Industry chambers

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। देश के प्रमुख उद्योग संगठनों ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। साथ ही इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, नई नौकरियां पैदा होंगी और मजबूत सप्लाई चेन तैयार होगी।

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अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ तुरंत 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को भी हटा दिया गया है।

सीआईआई (कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाना दोनों देशों की रणनीतिक आर्थिक साझेदारी के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील यह दिखाती है कि दोनों देश व्यापार, तकनीक और निवेश के रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के कारोबारी मिलकर इस समझौते को जमीन पर उतारेंगे, जिससे व्यापार को फायदा मिलेगा और लंबे समय तक आर्थिक विकास होगा।

वहीं, पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने कहा कि टैरिफ कम करने से अमेरिका ने खुले व्यापार और आर्थिक मजबूती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।

उन्होंने कहा कि टैरिफ कम होने से उद्योगों की लागत घटेगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और महंगाई पर भी असर पड़ेगा। इससे कंपनियों और आम उपभोक्ताओं, दोनों को राहत मिलेगी। साथ ही मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टरों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

राजीव जुनेजा ने यह भी कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अच्छे व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाता है। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ेगा और व्यापार ज्यादा स्थिर होगा।

एईपीसी के चेयरमैन डॉ. ए. शक्तिवेल ने कहा कि यह फैसला भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए बहुत ही अच्छा और समय पर लिया गया कदम है। पहले अमेरिका में भारतीय कपड़ों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लग रहा था, जिससे यह उद्योग दबाव में था।

उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। बेहतर व्यापार शर्तों से अमेरिका में भारतीय कपड़ों की मांग बढ़ेगी, जिससे निर्यात में तेजी आएगी, नए निवेश होंगे और भारत एक भरोसेमंद वैश्विक सप्लायर के रूप में मजबूत होगा।

डॉ. शक्तिवेल ने बताया कि कपड़ा उद्योग देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्रों में से एक है। इस फैसले से मौजूदा नौकरियां सुरक्षित रहेंगी और खासकर महिलाओं व मेहनत-आधारित काम करने वाले लोगों के लिए नई नौकरियां पैदा होंगी।

--आईएएनएस

डीबीपी/

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