अमेरिकी सीनेट में आप्रवासन कानूनों पर तीखी बहस, प्रवासियों की बढ़ी चिंताएं

अमेरिकी सीनेट में आप्रवासन कानूनों पर तीखी बहस, प्रवासियों की बढ़ी चिंताएं

अमेरिकी सीनेट में आप्रवासन कानूनों पर तीखी बहस, प्रवासियों की बढ़ी चिंताएं

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IANS
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US Senate battle over ICE tactics raises immigration concerns

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वाशिंगटन, 13 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेट में संघीय स्तर पर की जा रही आव्रजन (इमिग्रेशन) कानूनों की सख्त कार्रवाई और लोगों की नागरिक स्वतंत्रताओं को लेकर तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। यह मुद्दा खास तौर पर उन प्रवासी समुदायों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है, जो अमेरिका में रह रहे हैं या वहां बसने की प्रक्रिया में हैं। इनमें भारतीय वीजा धारक और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोग भी शामिल हैं।

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सीनेट की होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेंटल अफेयर्स कमेटी ने मिनेसोटा में चलाए गए बड़े अभियान ऑपरेशन मेट्रो सर्ज की समीक्षा की। यह अभियान उस समय शुरू किया गया जब संघीय एजेंटों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।

सुनवाई के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों (रेनी गूड और एलेक्स प्रीडी) की मौत का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। दोनों की अलग-अलग मुठभेड़ों में संघीय एजेंटों के साथ हुई घटनाओं में जान गई थी।

कमेटी के चेयरमैन सीनेटर रैंड पॉल ने कहा कि इस सुनवाई का मकसद जनता का भरोसा बहाल करना है। एक स्वतंत्र समाज में सार्वजनिक जगहों पर सरकारी अधिकारियों की वीडियो बनाना संवैधानिक अधिकार है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि नेताओं को तनाव बढ़ाने वाले बयानबाजी से बचना चाहिए।

रैंकिंग मेंबर सीनेटर गैरी पीटर्स ने संघीय अधिकारियों पर हिंसक और भारी-भरकम तरीकों के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एक ऐसा नैरेटिव पेश किया, जिसमें पीड़ितों को गलत तरीके से हिंसक उकसाने वाले के रूप में दिखाया गया।

मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा एकल आप्रवासन प्रवर्तन अभियान बताया और इसे तुरंत खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मिनेसोटा कानूनी सहयोग से इनकार नहीं कर रहा है और टार्गेटेड एनफोर्समेंट समस्या नहीं है।

रिपब्लिकन सांसदों ने इन आरोपों का विरोध किया। प्रतिनिधि टॉम एमर ने कहा कि राज्य के नेताओं ने मिनेसोटा को आपराधिक अवैध प्रवासियों का सुरक्षित ठिकाना बना दिया है और यह अशांति पूरी तरह टाली जा सकती थी।

दूसरे पैनल में आईसीई के कार्यवाहक निदेशक टॉड लायंस ने कहा कि अधिकारी लगातार धमकियों और हमलों का सामना कर रहे थे। लायंस ने स्पष्ट किया कि कोई भी अमेरिकी नागरिक आप्रवासन प्रवर्तन के दायरे में नहीं आता।

अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा के आयुक्त रॉडनी स्कॉट ने भी पुष्टि की कि अधिकारियों की वीडियो बनाना अपराध नहीं है। दोनों अधिकारियों ने कहा कि गोलीबारी की घटनाओं की जांच जारी है और उचित समय पर कैमरा फुटेज जारी की जाएगी।

सुनवाई में मिनेसोटा और संघीय एजेंसियों के बीच तालमेल पर भी चर्चा हुई। रैंड पॉल ने सुझाव दिया कि अंतिम निर्वासन आदेशों को लेकर बेहतर समन्वय तनाव कम कर सकता है।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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