अमेरिकी विशेषज्ञों ने भारत के बजट का किया समर्थन, बोले- 'मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से करोड़ों नई नौकरियों के अवसर'

अमेरिकी विशेषज्ञों ने भारत के बजट का किया समर्थन, बोले- 'मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से करोड़ों नई नौकरियों के अवसर'

अमेरिकी विशेषज्ञों ने भारत के बजट का किया समर्थन, बोले- 'मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से करोड़ों नई नौकरियों के अवसर'

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IANS
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US experts back India's growth, urge manufacturing push

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वॉशिंगटन, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के आम बजट की अमेरिका के अर्थशास्त्री और बिजनेस लीडर्स ने खूब सराहना की। इन लोगों ने कहा कि नया यूनियन बजट भारत की विकास की रफ्तार को मजबूत करने के साथ ही व्यापार और निवेश को लेकर सकारात्मक संकेत देता है। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग प्रतिस्पर्धा पर ज्यादा जोर देने की अपील की।

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जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर स्टीव हैंके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का आर्थिक प्रदर्शन कोई हैरानी की बात नहीं है।

हैंके ने कहा, इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि पीएम मोदी दुनिया के सबसे मशहूर बड़े राजनेता हैं।

उन्होंने इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के प्रोजेक्शन का जिक्र किया, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि 2025 और 2030 के बीच भारत की सालाना वास्तविक जीडीपी ग्रोथ लगभग 6.45 फीसदी रहेगी। हैंके ने भारत के आउटलुक को व्यापार और विकास की ओर उन्मुख नीति से जोड़ते हुए कहा कि मजबूत विस्तार विश्व का ध्यान और कैपिटल को आकर्षित करता रहेगा।

इसके अलावा लॉस एंजिल्स में मौजूद अमेरिकी-भारतीय कंसल्टेंसी अमृत की सीईओ गुंजन बागला ने कहा कि यह बजट अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के नजरिए से सही दिशा में एक बढ़ोतरी वाला कदम है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट में नौ फीसदी की बढ़ोतरी समय के साथ लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाकर विदेश व्यापार में मदद करेगी।

बागला ने रक्षा खर्च में 15 फीसदी की बढ़ोतरी का भी स्वागत किया और कहा कि इससे भारत की सैन्य ताकत ज्यादा तैयार हो पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हार्डवेयर की कमजोरियां बनी हुई हैं।

बागला ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग पर बजट का जोर सकारात्मक था, लेकिन काफी बड़ा नहीं था।

उन्होंने कहा, भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को सभी क्षेत्रों में ज्यादा तेजी से बढ़ावा देने से फायदा होता। ज्यादा समर्थन से भारतीय फैक्ट्रियों को चीन के साथ ज्यादा असरदार तरीके से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, भारतीय उद्यमियों ने पिछले 20 सालों में शानदार कंपनियां बनाई हैं और सही पॉलिसी फ्रेमवर्क के साथ कई अन्य कंपनियां ग्लोबल प्लेयर्स के तौर पर उभर सकती हैं। मैन्युफैक्चरिंग से भारत में करोड़ों नौकरियां बन सकती हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत को न सिर्फ एक तेजी से बढ़ते मार्केट, बल्कि एक मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर के तौर पर भी देखने की जरूरत है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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