यूएनएचआरसी चीफ ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को सराहा, पाकिस्तान में मानवाधिकार हनन पर जताई चिंता

यूएनएचआरसी चीफ ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को सराहा, पाकिस्तान में मानवाधिकार हनन पर जताई चिंता

यूएनएचआरसी चीफ ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को सराहा, पाकिस्तान में मानवाधिकार हनन पर जताई चिंता

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IANS
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UN Human Rights Chief lauds India's democratic traditions, highlights jailing of human rights defenders in Pakistan

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

जिनेवा, 2 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भारत की सिविल सोसाइटी को लोकतंत्र की रक्षा करने वाली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि यह समाज देश की समृद्ध लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जो वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल के 61वें सेशन में तुर्क ने पाकिस्तान और चीन के मानवाधिकार स्थिति पर चिंता जाहिर की। तुर्क ने पिछले हफ्ते इस सत्र को संबोधित किया था।

तुर्क ने काउंसिल में कहा, अपनी हाल की भारत यात्रा (एआई इम्पैक्ट समिट) के दौरान, मैं सिविल सोसाइटी के काम से बहुत खुश हुआ। वे भारत के लोकतांत्रिक परंपराओं और अल्पसंख्यक अधिकारों को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह जरूरी है कि नागरिक अधिकार का बचाव किया जाए और सिविल सोसाइटी बिना किसी पाबंदी के अपना काम आजादी से करे।

इस बीच, तुर्क ने पाकिस्तान के हालात को लेकर फिक्र जाहिर की, जहां हाल ही में मानवाधिकार समूह से जुड़े दो वकीलों को 17 साल जेल की सजा सुनाई गई।

उन्होंने 61वें सेशन में अपने बयान में कहा, पाकिस्तान में, वकीलों और मानवाधिकारों की रक्षा करने वालों को महज इसलिए सजा दी गई क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स किए थे।

यूएन हाई कमिश्नर ने कहा, मुझे अफसोस है कि जॉर्जिया में भी नागरिकों के अधिकारों पर पाबंदियां लगाई गईं। वेनेज़ुएला में, कुछ लोगों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया। कुछ को रिहा किया गया तो अब भी कुछ को छोड़ा नहीं गया है। इनकी रिहाई का मैं आग्रह करता हूं। आपातकालीन स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। सिविल सोसाइटी और पीड़ित समूहों को सार्वजनिक पहलों में हिस्सा लेने की छूट होनी चाहिए। मैं 16 मार्च को इससे जुड़ा एक अपडेट दूंगा।

अपने बयान में, तुर्क ने चीनी अधिकारियों से देश में मानवाधिकारों को दबाने के लिए अस्पष्ट आपराधिक, प्रशासनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों का इस्तेमाल बंद करने की भी अपील की।

उन्होंने कहा, मैं उन सभी लोगों को रिहा करने की अपील करता हूं जिन्हें मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया है। मुझे शिनजियांग में उइगर और दूसरे मुस्लिम अल्पसंख्यकों और तिब्बतियों के अधिकारों को लेकर जवाबदेही तय न करने का दुख है।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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