ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म, 70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर तबाह : ट्रंप

ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म, 70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर तबाह : ट्रंप

ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म, 70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर तबाह : ट्रंप

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IANS
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Trump says Iran's military crippled as US weighs next steps

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वाशिंगटन, 8 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि एक हफ्ते से जारी सैन्य संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य ताकत लगभग पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है। अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षमताओं को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है, हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल अमेरिका तेहरान के साथ किसी समझौते की जल्दी में नहीं है, लेकिन वाशिंगटन के पास बातचीत के लिए नेगोशिएटिंग लीवरेज मौजूद है।

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शनिवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि संघर्ष के शुरुआती चरण में ही ईरान की सेना को बड़ा झटका दिया गया। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया था।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नौसेना को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा, हमने उनकी नेवी को खत्म कर दिया, 44 जहाज तबाह कर दिए। उनकी एयर फोर्स भी खत्म कर दी, हर विमान नष्ट कर दिया गया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं और लॉन्चिंग सिस्टम को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। अब तक करीब 70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर नष्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ये सिस्टम बहुत महंगे होते हैं और इन्हें हासिल करना भी बेहद मुश्किल होता है।

ट्रंप ने दावा किया कि लॉन्चर और उत्पादन क्षमता के नष्ट होने से ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता काफी कम हो गई है। उनके मुताबिक संघर्ष के पहले दो दिनों में ईरान जितने हमले कर रहा था, अब वह उसकी तुलना में सिर्फ 9 प्रतिशत तक सिमट गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की सेना लगभग टूटने की स्थिति में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, उनकी मिलिट्री लगभग खत्म हो चुकी है।

हालांकि ट्रंप ने यह बताने से इनकार कर दिया कि यह संघर्ष कितने समय तक चलेगा। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक इसकी जरूरत होगी। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता, जितना समय लगेगा उतना चलेगा।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस संघर्ष का असर ईरान की नेतृत्व संरचना पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा, हमने पहले नेतृत्व को खत्म किया, फिर दूसरे स्तर के नेतृत्व को भी खत्म कर दिया। अब वहां ऐसे लोग नेतृत्व कर रहे हैं जिन्हें कोई जानता भी नहीं।

सैन्य दबाव के बावजूद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक समझौते की तलाश में नहीं है। अमेरिका के पास बातचीत में बढ़त है। ट्रंप ने कहा, हमारे पास बहुत ज्यादा नेगोशिएटिंग लीवरेज है, शायद अधिकतम। वे समझौता करना चाहेंगे, लेकिन हम अभी समझौते की तलाश में नहीं हैं।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हाल ही में ईरान ने पड़ोसी मध्य-पूर्वी देशों से माफी मांगी है, जिन पर पहले हमले किए गए थे। उनके मुताबिक यह संकेत है कि ईरान पीछे हट रहा है। ट्रंप ने कहा, उन्होंने उन मध्य-पूर्वी देशों से माफी मांगी जिन पर उन्होंने हमला किया था। यह अपने आप में सरेंडर जैसा है।

इस बीच, ट्रंप ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि संघर्ष की शुरुआत में अमेरिकी हमलों से ईरान में एक लड़कियों का स्कूल निशाना बना था। उन्होंने कहा कि उनके पास जो जानकारी है, उसके अनुसार वह हमला ईरान की तरफ से हुआ था।

जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस ईरान की मदद कर रहा है, तो ट्रंप ने कहा, नहीं, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका कुर्द लड़ाकों को इस युद्ध में शामिल होने की अनुमति नहीं देगा, भले ही वे इसमें शामिल होने के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा, हम कुर्दों के बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन हम इस युद्ध को और जटिल नहीं बनाना चाहते। मैं नहीं चाहता कि कुर्द इसमें शामिल हों।

जब उनसे पूछा गया कि क्या इस युद्ध के बाद ईरान की भौगोलिक या राजनीतिक संरचना बदल सकती है, तो ट्रंप ने कहा, संभव है कि देश वैसा न दिखे जैसा अभी है।

ट्रंप ने कहा कि इस पूरे सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को स्थायी रूप से कमजोर करना था। ट्रंप ने कहा, जब यह सब खत्म होगा, तब दुनिया पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित होगी।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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