तमिलनाडु में कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू का अलर्ट, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

तमिलनाडु में कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू का अलर्ट, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

तमिलनाडु में कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू का अलर्ट, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

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IANS
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TN issues statewide bird flu alert after crow deaths; public advised to take strict precautions

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

चेन्नई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग ने बर्ड फ्लू को फैलने से रोकने के लिए बायोसिक्योरिटी और एहतियाती उपायों के बारे में एडवाइजरी जारी की है। बड़े पैमाने पर कौवों की मौत की खबरों और एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने की आशंका के बीच विभाग ने यह कदम उठाया है।

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जन स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा निदेशालय (डीपीएच) ने एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार भी जारी किया है, जिसमें लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि अगर उनमें खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में दिक्कत जैसे फ्लू जैसे लक्षण दिखें, खासकर उन लोगों को जो पक्षियों के संपर्क में आए हों, तो तुरंत मेडिकल मदद लें।

एडवाइजरी में विशेष रूप से बूचड़खानों में काम करने वालों, पोल्ट्री संभालने वालों और बीमार या मरे हुए पक्षियों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि वे पक्षियों की किसी भी असामान्य मौत या बीमारी के मामलों की तुरंत पशुपालन विभाग को रिपोर्ट करें।

पशुपालन अधिकारियों ने फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सा टीमों को कौवों, अन्य जंगली पक्षियों और घरेलू पोल्ट्री में अचानक बीमारी या मौत का पता लगाने के लिए जिलों में निगरानी तेज करने का निर्देश दिया है। पशु चिकित्सा कर्मियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे खुले इलाकों में पक्षियों का पोस्टमार्टम न करें। इसके बजाय, शवों को जांच के लिए निर्धारित क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशालाओं में भेजा जाना चाहिए।

अधिकारियों ने कहा कि मरे हुए पक्षियों को या तो जला दिया जाना चाहिए या गहरे दफना दिया जाना चाहिए। प्रशासन की तरफ से जनता को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे पक्षियों के शवों को नंगे हाथों से न छुएं। अगर संभालना अपरिहार्य है, तो दस्ताने का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और बाद में हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिए।

मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के उप निदेशक एमजी गणेशन ने पुष्टि की कि वन क्षेत्रों में पक्षियों की आबादी पर कड़ी निगरानी रखने के लिए वन्यजीव डिवीजनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राज्यभर के पोल्ट्री फार्मों को आगंतुकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने और फार्म स्तर पर बायोसिक्योरिटी को मजबूत करने की सलाह दी गई है।

विभाग ने एवियन इन्फ्लूएंजा के लक्षणों और जोखिमों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) अभियान चलाने का भी आह्वान किया है। जीवित पक्षियों के बाजारों और वेट बाजारों में विशेष निगरानी शुरू की गई है, जबकि सीमावर्ती क्षेत्रों में पोल्ट्री और संबंधित उत्पादों की आवाजाही को विनियमित किया जा रहा है।

जिला प्रशासनों को तैयारियों के स्तर की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि किसी भी संभावित प्रकोप से निपटने के लिए पर्याप्त उपकरण और प्रतिक्रिया तंत्र मौजूद हों।

--आईएएनएस

डीसीएच/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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