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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। सरकार ने रविवार को कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर से मिली जबरदस्त भागीदारी यह दिखाती है कि भारत जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नवाचार का एक उभरता हुआ वैश्विक केंद्र बन रहा है। यह पहल पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस यानी लोगों, पर्यावरण और प्रगति की सोच से प्रेरित है।
16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले तीन प्रमुख ग्लोबल इम्पैक्ट चुनौतियों-एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवाआई-के फाइनलिस्ट घोषित कर दिए गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इन चुनौतियों को ऐसे एआई समाधान को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था, जो समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालें और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप हों।
इन तीनों प्रतियोगिताओं में मिलाकर 60 से अधिक देशों से 4,650 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती रुचि को दर्शाता है। कई चरणों की सख्त जांच प्रक्रिया के बाद 70 टीमों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है।
ये टीमें 16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में आयोजित ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार समारोह में अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी।
एआई फॉर ऑल ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज में अकेले ही 60 से ज्यादा देशों से 1,350 से अधिक आवेदन आए। इस चुनौती का उद्देश्य स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु, शासन, शिक्षा और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर उपयोगी एआई समाधान तैयार करना था।
इसके तहत चुनी गई 20 शीर्ष टीमों ने कई उपयोगी तकनीकें विकसित की हैं, जैसे एआई आधारित संक्रमण जांच उपकरण, मिट्टी की गुणवत्ता बताने वाली प्रणाली, जलवायु जोखिम विश्लेषण प्लेटफॉर्म, डिजिटल स्वास्थ्य जांच, साइबर सुरक्षा समाधान, उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने वाले टूल और शिक्षा को आसान बनाने वाली तकनीकें।
मंत्रालय ने कहा कि ये नवाचार दिखाते हैं कि एआई कैसे समान विकास को बढ़ावा दे सकता है और खासकर ग्लोबल साउथ देशों में सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बना सकता है।
एआई बाय हर ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज में 50 से अधिक देशों से 800 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए, जिसका उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व में एआई नवाचार को बढ़ावा देना है।
इसमें चुनी गई 30 शीर्ष महिला उद्यमी स्वास्थ्य, टिकाऊ विकास, वित्तीय समावेशन, रोजगार, कृषि, शिक्षा और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान पर काम कर रही हैं।
इन परियोजनाओं में एआई से कैंसर और आंखों की जांच, बहुभाषी मेडिकल निर्णय सहायता प्रणाली, वॉयस-टू-ईएमआर प्लेटफॉर्म, पोषण तकनीक, क्रेडिट इंटेलिजेंस सिस्टम और ईएसजी ऑटोमेशन जैसे समाधान शामिल हैं।
सरकार ने कहा कि यह पहल समावेशी डिजिटल विकास की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है और महिलाओं को वैश्विक एआई इकोसिस्टम में अग्रणी भूमिका देने की कोशिश है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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