मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सेबी चीफ का निवेशकों को संदेश, 'घबराहट में न लें निर्णय'

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सेबी चीफ का निवेशकों को संदेश, 'घबराहट में न लें निर्णय'

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सेबी चीफ का निवेशकों को संदेश, 'घबराहट में न लें निर्णय'

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IANS
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Stay calm, avoid panic amid global volatility from Middle East conflict: SEBI Chief

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

मुंबई, 9 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को निवेशकों से शांत रहने और घबराहट में फैसला लेने से बचने के लिए कहा।

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सेबी चीफ का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल बनी हुई है।

पांडेय ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान से जुड़ा मौजूदा संघर्ष, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर रहा है और निवेशकों की भावना को प्रभावित कर रहा है।

स्थिति के बारे में बात करते हुए पांडेय ने कहा कि संघर्ष ने प्रमुख समुद्री मार्गों और गलियारों को बाधित कर दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रवाह प्रभावित हुआ है और वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है।

पांडेय ने कहा, “कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान ने भी विश्व स्तर पर मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ा दिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत की घरेलू आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है और देश के वित्तीय बाजारों को स्थिरता प्रदान करती रहती है।”

सेबी चीफ ने निवेशकों को अल्पकालिक बाजार उतार-चढ़ाव पर भावनात्मक प्रतिक्रिया न देने की सलाह दी।

उन्होंने कहा, “वैश्विक अनिश्चितता के दौर में शांत रहना और घबराहट में लिए गए निर्णयों से बचना महत्वपूर्ण है।”

इसके अतिरिक्त, भारत के पूंजी बाजारों के विकास पर पांडेय ने निफ्टी 50 सूचकांक के 30 वर्षों के सफर के बारे में बताया।

उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण मापदंड बताया जो वर्षों से भारत की अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट क्षेत्र की वृद्धि को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि निफ्टी की वृद्धि भारत के व्यापक आर्थिक विस्तार और पूंजी बाजारों में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से मजबूती से जुड़ी हुई है।

पांडेय ने यह भी कहा कि भारत का बाजार तंत्र समय के साथ काफी मजबूत हुआ है। स्टॉक एक्सचेंज, क्लियरिंग कॉर्पोरेशन और डिपॉजिटरी जैसी संस्थाएं विस्तारित वित्तीय प्रणाली को समर्थन देने के लिए विकसित हुई हैं।

उन्होंने आगे कहा, बाजार विनियमन और संचालन में टेक्नोलॉजी की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

सेबी ने डिजिटल अवसंरचना और नियामक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रतिभूति बाजार के लिए एक टेक्नोलॉजी रोडमैप विकसित करने हेतु एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है।

नियामक ने बाजार निगरानी के लिए पहले ही कई एडवांस टेक्नोलॉजी उपकरण पेश किए हैं।

इनमें सुदर्शन प्लेटफॉर्म शामिल है, जो डिजिटल बाजार गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी करने में सक्षम बनाता है, और सेबी रडार प्रणाली जो विज्ञापनों का विश्लेषण करने और संभावित रूप से भ्रामक सामग्री की पहचान करने के लिए एआई का उपयोग करती है।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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