शरीफ ने ट्रंप की तारीफ की, वाशिंगटन में रुबियो से मिले

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IANS
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Sharif praises Trump, but no bilateral secured

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वाशिंगटन, 20 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वाशिंगटन में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप के हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टल गया। इस यात्रा के दौरान शरीफ ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की।

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बहुपक्षीय बैठक को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि ट्रंप की पहल से “करोड़ों लोगों की जान जाने का खतरा टल गया।” उन्होंने ट्रंप को “शांति का सच्चा दूत” बताया। शरीफ ने यह भी कहा कि दक्षिण एशिया में तनाव कम कराने में अमेरिका की भूमिका अहम रही है। उन्होंने ट्रंप की पहल और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रिय कूटनीति से दुनिया के कई संवेदनशील इलाकों में शांति आई है।

शरीफ ने बैठक में पेश किए गए गाजा शांति प्रस्ताव का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लोग लंबे समय से अवैध कब्जे और कठिन हालात का सामना कर रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्र, संप्रभु और एकजुट फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के जरिए उनके आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन किया। शरीफ ने कहा कि ट्रंप की शांति की कोशिशें इतिहास में दर्ज होंगी।

अलग से हुई मुलाकात में विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शरीफ को गाजा के लिए ट्रंप की शांति योजना का समर्थन करने और ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के संस्थापक सदस्य के रूप में भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रुबियो ने 31 जनवरी को बलूचिस्तान में हुए हमले और 6 फरवरी को इस्लामाबाद में हुए बम विस्फोट पर संवेदना भी जताई। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका-पाकिस्तान सहयोग को जारी रखने पर जोर दिया।

स्टेट डिपार्टमेंट के मुताबिक, रुबियो ने बलूचिस्तान में 31 जनवरी के हमलों और इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए बम धमाके पर भी दुख जताया, और आतंकवाद के खिलाफ कोशिशों में अमेरिका-पाकिस्तान सहयोग जारी रखने की अहमियत को फिर से कन्फर्म किया। दोनों पक्षों ने हाल ही में वाशिंगटन में हुई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में पाकिस्तान के हिस्सा लेने पर चर्चा की। उन्होंने जरूरी मिनरल और एनर्जी सेक्टर में सहयोग के साथ-साथ अमेरिकी कंपनियों के लिए कमर्शियल इन्वेस्टमेंट के मौकों का भी रिव्यू किया।

हालांकि शरीफ की विदेश मंत्री रुबियो से मुलाकात हुई, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलग से कोई द्विपक्षीय बैठक तय नहीं की गई।

इससे पहले ट्रंप ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर वे आपसी विवाद नहीं सुलझाते, तो अमेरिका उनके साथ व्यापार समझौते नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि टकराव जारी रहने पर दोनों देशों पर 200 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की चेतावनी दी गई थी।

ट्रंप ने कहा, “ये दोनों बहुत शक्तिशाली और परमाणु हथियारों से लैस देश हैं। मैं नहीं कहना चाहता कि क्या हो सकता था, लेकिन हालात खतरनाक हो सकते थे।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उन्हें “एक महान व्यक्ति” बताया।

भारत और पाकिस्तान 1947 से अब तक कई बार युद्ध लड़ चुके हैं और कश्मीर मुद्दे पर दोनों के बीच मतभेद बने हुए हैं। हाल के वर्षों में संघर्षविराम काफी हद तक कायम रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव समय-समय पर बढ़ता रहता है, जिस पर दुनिया की नजर बनी रहती है।

--आईएएनएस

एएस/

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