/newsnation/media/media_files/thumbnails/202602113670070-819247.jpeg)
(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को रोल्स-रॉयस के सीईओ तुफान एर्गिनबिलगिच से मुलाकात की और कहा कि सरकार भारत में कंपनी की गतिविधियों को बढ़ाने का स्वागत करती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “आज रोल्स-रॉयस के सीईओ तुफान एर्गिनबिलगिच से मिलकर खुशी हुई। हम भारत में अपनी गतिविधियों को विस्तार देने और हमारे नवाचारी व गतिशील युवाओं के साथ साझेदारी करने के लिए रोल्स-रॉयस के उत्साह का स्वागत करते हैं।”
इससे पहले रोल्स-रॉयस ने बताया था कि उसके सीईओ ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर इस बात पर चर्चा की कि कंपनी कैसे ‘विकसित भारत’ का हिस्सा बनने के लिए अपने कार्यों का विस्तार कर रही है, जिसमें अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर को दुनिया का सबसे बड़ा बनाना, जटिल विनिर्माण में सह-निर्माण और उच्च मूल्य वाली इंजीनियरिंग क्षमताओं का विकास शामिल हैं।
पिछले साल अक्टूबर में रोल्स-रॉयस ने कहा था कि वह भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की भारत यात्रा के दौरान आयोजित उद्योग संवादों में भाग लेकर गर्व महसूस कर रही है।
कंपनी का लक्ष्य भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना है, जो इंडिया-यूके विजन 2035 के अनुरूप है। रोल्स-रॉयस के सीईओ एर्गिनबिलगिच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ उद्योग प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में भारत आए थे।
एर्गिनबिलगिच ने कहा कि कंपनी की महत्वाकांक्षा भारत को रोल्स-रॉयस का एक घरेलू बाजार बनाने की है। उन्होंने कहा, “हम भारत को रोल्स-रॉयस का घर बनाने के लिए गहरी महत्वाकांक्षा रखते हैं, जो हमारी मजबूत और सफल साझेदारी पर आधारित है। वायु, थल और समुद्री क्षेत्रों में हमारी प्रतिस्पर्धात्मक रूप से उन्नत तकनीकें हमें देश के भीतर क्षमताओं का निर्माण करने और रणनीतिक साझेदारियां विकसित करने में सक्षम बनाती हैं, जिससे भारत के ‘विकसित भारत’ लक्ष्य को गति मिलेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हम आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे विकास को बढ़ावा मिले, आत्मनिर्भरता, नवाचार और महत्वपूर्ण उद्योगों में वैश्विक उपस्थिति को मजबूती मिले।”
कंपनी के अनुसार, नागरिक उड्डयन, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में उसकी विशिष्ट क्षमताएं उसे भारत में अपनी मौजूदगी और साझेदारियों को बढ़ाने में सक्षम बनाएंगी और आने वाले दशकों तक भारत को ऊर्जा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी प्रदान करती रहेंगी।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us