पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात, एआई सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर हुई बात

पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात, एआई सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर हुई बात

पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात, एआई सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर हुई बात

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IANS
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PM Modi, Abu Dhabi Crown Prince discuss ways to enhance cooperation in AI

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक हुई। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुई मुलाकात में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।

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विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, भारत-यूएई के ऐतिहासिक रिश्तों को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग पर चर्चा की और अलग-अलग क्षेत्रों में हुई तरक्की पर खुशी जताई। उन्होंने एआई में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, यूएई के राष्ट्रपति की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल हो रहे हैं।

ग्लोबल साउथ में पहली बार हो रहे इस अहम इवेंट में कई राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, वरिष्ठ अधिकारी, टेक एक्सपर्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर के खास फैसले लेने वाले लोग शामिल हो रहे हैं।

शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए बुधवार देर रात नई दिल्ली पहुंचे थे।

केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। एमईए ने एक्स पोस्ट में लिखा, एआई इम्पैक्ट समिट में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का भारत में स्वागत है। केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने एयरपोर्ट पर पहुंच माननीय का स्वागत किया। भारत और यूएई एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में भरोसेमंद पार्टनर हैं जो एक स्मार्ट और साझा भविष्य के लिए एआई को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया। लोगों को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का पल है कि एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी भारत में की गई है, साथ ही उन्होंने तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल की तुरंत जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “मैं आप सभी का दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ऐतिहासिक एआई समिट में स्वागत करता हूं। भारत, जहां यह समिट हो रहा है, एक ऐसा देश है जो दुनिया के 1/6 हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है; यह एक युवा देश है, दुनिया के सबसे बड़े टेक पूल का केंद्र है, और टेक इकोसिस्टम का उदाहरण है। भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और अभूतपूर्व तरीके से उसे अपनाता भी है।”

उन्होंने कहा, 140 करोड़ भारतीयों की तरफ से शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले राष्ट्राध्यक्षों, वैश्विक एआई इकोसिस्‍टम के नेताओं और इनोवेटर्स का हार्दिक स्वागत करता हूं। भारत में इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना न केवल देश के लिए बल्कि ग्लोबल साउथ के लिए भी गर्व की बात है।

उनके भाषण के दौरान, बैकग्राउंड में एआई-इनेबल्ड साइन लैंग्वेज इंटरप्रिटेशन (एआई-चालित सांकेतिक भाषा व्याख्या) दिखाया गया, जो समिट में डिस्कस की जा रही टेक्नोलॉजी के प्रैक्टिकल एप्लीकेशन को दिखाता है।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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