पेंटागन ने ईरान युद्ध में एआई से लैस हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि की

पेंटागन ने ईरान युद्ध में एआई से लैस हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि की

पेंटागन ने ईरान युद्ध में एआई से लैस हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि की

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IANS
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Pentagon confirms AI-enabled weapons used in the Iran war​ (Photo: @RapidResponse47/X)

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वॉशिंगटन, 4 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान विरोधी सैन्य अभियान में स्वायत्त प्रणालियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहा है। यह जानकारी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार को दी।

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पेंटागन में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने पुष्टि की कि उन्नत तकनीकें इस संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, उन्होंने विस्तार से जानकारी साझा करने से इनकार किया।

उन्होंने कहा, “हमारे पास बहुत सारी स्वायत्त प्रणालियां हैं, ड्रोन और अन्य सिस्टम हैं जिनमें स्मार्ट एआई तकनीक शामिल है। इनमें से कई के बारे में मैं यहां चर्चा नहीं कर सकता।”

स्वायत्त प्रणालियों का इस्तेमाल आधुनिक युद्ध में एआई की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, खासकर ड्रोन ऑपरेशन, निगरानी और लक्ष्य निशान बनाने में।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान अभियान में लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक, नौसैनिक अभियान और सटीक हवाई हमले शामिल हैं, जो ईरान की सैन्य संरचना को नष्ट करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

संयुक्त सैन्य प्रमुख, एयर फोर्स जनरल डैन केन, ने कहा कि ऑपरेशन के पहले चरण में अमेरिका ने हजारों लक्ष्य निशाना बनाए हैं।

उन्होंने कहा कि अब तक, हमने 2,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया है।

इस सैन्य अभियान के तीन मुख्य उद्देश्य हैं, ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को नष्ट करना, ईरानी नौसेना को निष्क्रिय करना और यह सुनिश्चित करना कि ईरान तेजी से अपनी सैन्य क्षमताओं का पुनर्निर्माण न कर सके।

केन ने कहा, “पहले हम ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को निशाना बना रहे हैं। दूसरे, हम ईरानी नौसेना को नष्ट कर रहे हैं। तीसरे, हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईरान अपनी युद्ध क्षमता को तेजी से पुनर्निर्मित न कर सके।”

पेंटागन ने बताया कि जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ रहा है, अमेरिकी बल रणनीति बदल रहे हैं – पहले लंबी दूरी के हमले होते थे, अब ईरान के ऊपर सीधे सटीक हमले किए जा रहे हैं।

केन ने कहा, “सेंटकॉम अब बड़े दूरी वाले स्ट्राइक पैकेज से बदलकर ईरान के ऊपर सीधे सटीक हमलों की ओर जा रहा है।”

अमेरिका का कहना है कि ये अभियान ईरानी बलों पर लगातार दबाव बनाए रखने और उनके मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता को बाधित करने के लिए हैं।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरानी हमलों की तीव्रता में काफी गिरावट आई है।

केन ने कहा, “ईरानी थिएटर बैलिस्टिक मिसाइल शॉट पहले दिन की तुलना में 86 प्रतिशत कम हो गए हैं।”

इसके बावजूद, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष खतरनाक और अप्रत्याशित बना हुआ है।

केन ने कहा, “ये अभियान जटिल, खतरनाक हैं और अभी खत्म नहीं हुए हैं।”

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी इस सप्ताह शुरू किया गया था, जब ईरान और अमेरिका के बीच मिसाइल हमलों और परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ गया, जिससे मध्य पूर्व में हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सैन्य टकराव स्थिति उत्पन्न हुई।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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