पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का समुद्री क्षमता पर फोकस, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता खतरा: रिपोर्ट

पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का समुद्री क्षमता पर फोकस, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता खतरा: रिपोर्ट

पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का समुद्री क्षमता पर फोकस, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता खतरा: रिपोर्ट

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IANS
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Pakistan terror groups send trainers to Afghanistan for target assassinations: UNSC report,terror groups, terrorism, terrorist, terror

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वॉशिंगटन, 3 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा एक समुद्री विंग के गठन को उसकी रणनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो भारतीय उपमहाद्वीप की क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर समुद्री आतंकी खतरा पैदा कर सकता है। यह जानकारी अमेरिका स्थित थिंक टैंक मध्य पूर्व मीडिया अनुसंधान संस्थान (एमईएमआरआई) की एक रिपोर्ट में सामने आई है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित और वर्ष 2008 के मुंबई हमले के पीछे जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा ने अपनी प्रशिक्षण प्रणाली को नए सिरे से तैयार किया है, जिसमें उन्नत समुद्री सामरिक कौशल को शामिल किया गया है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तैराकी, स्कूबा डाइविंग, जल-राहत, मोटरबोट संचालन और पानी के भीतर रणनीतिक गतिविधियां शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए 20 से 40 दिनों तक चलने वाले व्यवस्थित कोर्स आयोजित किए जा रहे हैं। सार्वजनिक रूप से इन्हें आपदा प्रबंधन और आपातकालीन राहत प्रशिक्षण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्यक्रम लश्कर के फ्रंट संगठनों जैसे पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) और पाकिस्तान मुस्लिम यूथ लीग (एमवाईएल) के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रशिक्षण की शुरुआत धार्मिक-वैचारिक व्याख्यानों से होती है, जिसके बाद चयनित युवाओं को उग्रवादी विचारधारा की ओर मोड़ा जाता है। कुछ चुनिंदा प्रशिक्षुओं को बाद में लश्कर और पीएमएमएल में शामिल कर उन्हें हथियार चलाने और गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे कथित रूप से भारत के खिलाफ जिहादी अभियानों को अंजाम दे सकें।

एमईएमआरआई की रिपोर्ट में उल्लेख है कि वर्तमान प्रशिक्षण 26/11 हमलों में अपनाई गई समुद्री घुसपैठ की रणनीति से मेल खाता है। वर्ष 2008 में आतंकियों ने पाकिस्तान से समुद्री रास्ते के जरिए मुंबई के तटीय इलाकों में प्रवेश कर कई हाई-प्रोफाइल ठिकानों को निशाना बनाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘अंडरवाटर टैक्टिक्स’ और तेज रफ्तार नाव संचालन का प्रशिक्षण छोटे, चुस्त दलों को बहु-स्थान हमलों के लिए तैयार करने की ओर संकेत करता है।

रिपोर्ट में लश्कर नेता हारिस दर का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है, जिसमें वह आतंकियों को प्रशिक्षण देते दिखाई देता है। एक अन्य कमांडर ने खुले तौर पर समुद्री बल के गठन को स्वीकार किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस फुटेज को खुलेआम भर्ती और आतंकी तैयारी का प्रमाण माना है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रशिक्षण पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर चल रहा है। इनमें इस्लामाबाद, मुरीदके, लाहौर, बहावलपुर, कसूर, अलीपुर, कराची, पुंछ की सुरन नदी, मीरपुर का मंगला डैम और मुजफ्फराबाद शामिल हैं। कार्यक्रमों की निगरानी कथित रूप से पाकिस्तानी नौसेना की देखरेख में और लश्कर के वरिष्ठ कमांडरों रिजवान हनीफ और आमिर जिया की देखरेख में की जा रही है।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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