पाकिस्तान में 2026 का पहला पोलियो केस मिला, सिंध में चार साल का बच्चा संक्रमित

पाकिस्तान में 2026 का पहला पोलियो केस मिला, सिंध में चार साल का बच्चा संक्रमित

पाकिस्तान में 2026 का पहला पोलियो केस मिला, सिंध में चार साल का बच्चा संक्रमित

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IANS
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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

इस्लामाबाद, 5 मार्च (आईएएनएस)। पाक‍िस्‍तान में गुरुवार को पोल‍ियो वायरस का एक केस सामने आया। सिंध प्रांत के सुजावल ज‍िले में बेल्लो यूनियन काउंसिल के चार वर्षीय बच्‍चे में यह वायरस म‍िला है। स्‍थानीय मीड‍िया के अनुसार, यह 2026 का पहला वाइल्ड पोलियो वायरस केस दर्ज हुआ है।

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पाकिस्तान के समाचार पत्र डॉन के अनुसार, पाकिस्तान नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर फॉर पोलियो इरेडिकेशन (एनईओसी) के मुताबिक, पोलियो निगरानी नेटवर्क और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच), इस्लामाबाद में पोलियो उन्मूलन के लिए रीजनल रेफरेंस लैब ने इस केस की पुष्टि की है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान दो ही देश हैं, जहां वाइल्ड पोलियोवायरस अभी भी एंडेमिक है। पाकिस्तान में पोलियो कर्मियों पर अक्सर हमले किए जाते रहे हैं, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में।

स्‍थानीय म‍ीडिया के अनुसार, 2026 में पाकिस्तान में पहले पोलियो अभियान के दौरान लगभग एक मिलियन बच्चों को टीका नहीं लगाया गया, ज‍बक‍ि 53 हजार बच्‍चों ने मना कर दिया। पोलियो की दवा लेने से मना करने वाले सबसे ज्‍यादा 58 प्रतिशत बच्‍चे पाकिस्तान के कराची के हैं।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 44.3 मिलियन से अधिक बच्चों को पोलियो की बूंदें दी गईं। आंकड़ों से पता चला है कि पोलियो अभियान ने घर-घर कवरेज का 98 प्रतिशत हासिल किया, जिसमें केवल 2 प्रतिशत बच्चे छूट गए। हालांकि, जिन बच्चों को पोलियो बूंदें नहीं मिलीं उनकी संख्या अभी भी पाकिस्तान की जनसंख्या को देखते हुए बहुत बड़ी है।

कुल मिलाकर, 2026 में पाकिस्तान में शुरू किए गए पोलियो कैंपेन के दौरान 0.95 मिलियन बच्चों के छूटने की रिपोर्ट मिली। उनमें से, ज़्यादातर बच्चों (0.67 मिलियन) को पोलियो वैक्सीनेशन नहीं मिला क्योंकि वे घर पर मौजूद नहीं थे। कैंपेन के दौरान, 2.5 मिलियन मेहमान बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स दी गईं, जिसमें शायद उन बच्चों का एक बड़ा हिस्सा शामिल था जो वैक्सीनेशन के समय घर पर मौजूद नहीं थे।

एक अधिकारी ने कहा, सुरक्षा की दिक्कतों, कम्युनिटी बॉयकॉट और बर्फीले इलाकों की वजह से 233,000 बच्चे बचे हुए बताए गए। उन्होंने बताया कि कुल बचे हुए बच्चों में खैबर पख्तूनख्वा के 184,000 बच्चे और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) और पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) के करीब 50 हजार बच्चे बर्फीले इलाकों और कैंपेन न चलाए जाने की वजह से पहुंच से बाहर रह गए।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि बलूचिस्तान के मस्तुंग, ग्वादर, चागाई और अवरान क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से पोलियो उन्मूलन अभियान स्थगित कर दिया गया था। कुल लक्षित बच्चों का 0.14 प्रतिशत बच्चों ने टीका लेने से इनकार किया, जिसमें कराची की 31 हजार अस्वीकृतियां सबसे बड़ा हिस्सा थीं।

बयान के अनुसार, पंजाब में 22.9 मिलियन से अधिक बच्चों को, सिंध में 10.5 मिलियन से अधिक बच्चों को, खैबर पख्तूनख्वा में 7.13 मिलियन से अधिक बच्चों को और बलूचिस्तान में 2.3 मिलियन से अधिक बच्चों को पोलियो बूंदें दी गईं।

पोलियो अभियान के दौरान, इस्लामाबाद में 455,000 से अधिक बच्चों को, पीओजीबी में लगभग 261,000 बच्चों को और पीओजेके में 673,000 से अधिक बच्चों को टीकाकरण किया गया।

--आईएएनएस

एवाई/डीएससी

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