पाकिस्तान के गुजरांवाला में ईसाई कर्मचारी पर हमला, अल्पसंख्यक अधिकार समूह ने मांगा न्याय

पाकिस्तान के गुजरांवाला में ईसाई कर्मचारी पर हमला, अल्पसंख्यक अधिकार समूह ने मांगा न्याय

पाकिस्तान के गुजरांवाला में ईसाई कर्मचारी पर हमला, अल्पसंख्यक अधिकार समूह ने मांगा न्याय

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IANS
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Pakistan: Christian youth dies from abandonment, institutional cruelty (File image)

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

इस्लामाबाद, 27 फरवरी (आईएएनएस)। पाक‍िस्‍तान के पंजाब प्रांत में एक ईसाई अल्पसंख्यक कर्मचारी पर हुए हमले की एक प्रमुख अल्पसंख्यक अधिकार समूह ने न‍िंदा की। समूह का कहना है क‍ि देश में धार्म‍िक समुदायों को अक्सर हिंसा और व्यवस्थित शोषण का सामना करना पड़ता है।

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चश्मदीदों का हवाला देते हुए वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (वीओपीएम) ने बताया कि यूसुफ मसीह पर पंजाब प्रांत के गुजरांवाला शहर में चार फल विक्रेताओं ने हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने बाजार में लगभग दो किलोग्राम वजनी लोहे के बाट से हमला किया।

हमले के बाद कर्मचारी बुरी तरह से लहूलुहान हो गया। वहां मौजूद लोगों ने भय के माहौल में हिम्मत करते हुए उनकी मदद की।

वीओपीएम ने कहा कि यह घटना इसलिए और भी दुखद है क्योंकि इसे रोका जा सकता था। आरोपियों ने कथित तौर पर पहले भी यूसुफ के पर्यवेक्षक को परेशान किया था और उनके साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया था।

अधिकार समूह ने एक लोकल धार्मिक नेता, पादरी इमरान अमानत के हवाले से कहा, “यह हमला कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान में ईसाई मजदूरों के साथ रोज होने वाले भेदभाव, बेइज्जती और असुरक्षा की दर्दनाक झलक है।”

अधिकार संगठन ने कहा कि अमानत की टिप्पणियां पंजाब के ईसाई समुदायों में गूंजती हैं, जहां अनगिनत कामगार आवश्यक सेवाएं देने के बावजूद बहिष्कार और भय के चक्र में फंसे हुए हैं। सिर्फ वे कौन हैं और क्या मानते हैं, इसके लिए वे दंडित किए जाते हैं।

वीओपीएम समूह ने कहा, “दशकों से देशभर में ईसाई आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक कलंक का बोझ उठाते आ रहे हैं। उनमें से कई सार्वजनिक सेवा के सबसे निचले पायदानों सफाई, स्वच्छता, सीवेज रखरखाव में कार्यरत हैं, जिन्हें तिरस्कार की नजर से देखा जाता है।”

मानवाधिकार संस्था ने आगे कहा, यूसुफ मसीह के लिए न्याय केवल अदालत का मामला नहीं है। यह उस राष्ट्र की अंतरात्मा की परीक्षा है जो स्वयं को समानता और करुणा पर गर्व करने वाला बताता है। उनका कष्ट इस बात की याद दिलाता है कि गरीबी कभी किसी इंसान की कीमत निर्धारित नहीं कर सकती।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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