उद्यम पोर्टल पर फरवरी 2026 तक पंजीकृत हुए 3.07 करोड़ से अधिक महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्योग: केंद्र

उद्यम पोर्टल पर फरवरी 2026 तक पंजीकृत हुए 3.07 करोड़ से अधिक महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्योग: केंद्र

उद्यम पोर्टल पर फरवरी 2026 तक पंजीकृत हुए 3.07 करोड़ से अधिक महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्योग: केंद्र

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IANS
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Over 3.07 crore women-led enterprises registered on Udyam till Feb 2026: Govt

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। उद्यम पोर्टल पर फरवरी 2026 तक 3.07 करोड़ से अधिक महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्योग पंजीकृत हैं। यह जानकारी सरकार की ओर से सोमवार को संसद में दी गई।

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राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि सरकार महिला उद्यमियों को समर्थन देने और लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है।

करंदलाजे ने कहा, उद्यम पंजीकरण पोर्टल (यूआरपी) और उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी, 2026 तक पंजीकृत महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की कुल संख्या 3,07,42,621 है।

प्रमुख पहलों में से एक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी योजना है, जिसे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी ट्रस्ट के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है।

इस योजना के अंतर्गत, बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा दिए गए ऋणों की गारंटी बिना कुछ गिरवी रखे या तृतीय-पक्ष गारंटी के दी जा सकती है।

महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को अन्य उद्यमों के 75 प्रतिशत की तुलना में 90 प्रतिशत तक की बढ़ी हुई ऋण गारंटी कवरेज प्राप्त होती है। उन्हें गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट भी मिलती है।

सरकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से कौशल और उद्यमिता सहायता भी प्रदान कर रही है।

यह कार्यक्रम कारीगरों और शिल्पकारों को छात्रवृत्ति सहायता के साथ-साथ बुनियादी और उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करता है।

प्रशिक्षण में उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और डिजिटल साक्षरता पर पाठ शामिल हैं।

लाभार्थियों को उनके व्यवसाय से संबंधित आधुनिक उपकरणों और औजारों के उपयोग के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जाता है।

यह योजना कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पादों को सूचीबद्ध करने और ब्रांडिंग एवं प्रचार में सुधार करने में सहायता करके विपणन को भी बढ़ावा देती है।

पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार हेतु निधि योजना (एसएफयूआरटीआई) के तहत क्षमता निर्माण और डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।

यह क्लस्टर-आधारित कार्यक्रम मूल्य श्रृंखला में कौशल विकास, जागरूकता सत्र और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है।

यह उत्पाद डिजाइन एवं विकास, एक्सपोजर विजिट, सेमिनार और कार्यशालाओं में भागीदारी तथा प्रौद्योगिकी उन्नयन जैसी गतिविधियों को भी समर्थन देता है।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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