अक्टूबर-दिसंबर अवधि में आय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद भी निफ्टी 50 का मुनाफा 13 तिमाहियों बाद घटा

अक्टूबर-दिसंबर अवधि में आय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद भी निफ्टी 50 का मुनाफा 13 तिमाहियों बाद घटा

अक्टूबर-दिसंबर अवधि में आय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद भी निफ्टी 50 का मुनाफा 13 तिमाहियों बाद घटा

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IANS
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Nifty 50 Q3 profits dip after 13 quarters despite 10 pc revenue growth

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

मुंबई, 20 फरवरी (आईएएनएस)। इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में निफ्टी 50 की आय में सालाना आधार पर बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, यह 13 तिमाहियों के बाद पहला अवसर है, जब मुनाफे में गिरावट देखी गई है।

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बैंकों, वित्तीय सेवाओं और तेल एवं गैस कंपनियों को छोड़कर, तिमाही में कुल आय में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है मार्च 2023 की तिमाही के बाद पहली बार दोहरे अंकों की वृद्धि है, लेकिन भारत के नए श्रम कानूनों के एकमुश्त अकाउटिंग प्रभाव के कारण कुल मुनाफे में गिरावट आई।

परिचालन लाभ में वार्षिक आधार पर 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई,यह सितंबर तिमाही में 6.1 प्रतिशत और एक वर्ष पहले की अवधि में 5 प्रतिशत थी।

इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, आय में वृद्धि के बावजूद, निफ्टी 50 की 37 कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की तुलना में 8.1 प्रतिशत गिर गया, जो सितंबर 2022 तिमाही के बाद पहली बार नकारात्मक लाभ वृद्धि को दर्शाता है।

विश्लेषकों ने मुनाफे में गिरावट का कारण भारत के नए श्रम कानूनों के एकमुश्त अकाउटिंग प्रभाव को बताया, जिसके तहत मूल वेतन को कुल लागत-से-कंपनी के 50 प्रतिशत तक बढ़ाना अनिवार्य है, साथ ही ग्रेच्युटी प्रावधानों में भी वृद्धि की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि श्रम संहिता में बदलाव के कारण कर पश्चात कुल लाभ में लगभग 5 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 13 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है।

इस बीच, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में आय वृद्धि में क्रमिक रूप से तेजी आई और यह 16 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई, विशेष रूप से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती लागू होने के बाद।

नवंबर में नए श्रम संहिता का कार्यान्वयन हुआ और इसके तहत वेतन, कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा में बदलाव किए गए।

कई रिपोर्टों के अनुसार, टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल ने मिलकर नए नियमों के कार्यान्वयन से संबंधित 4,373 करोड़ रुपए से अधिक का एकमुश्त शुल्क वहन किया, जिसके कारण तिमाही के मुनाफे में दोहरे अंकों की गिरावट आई।

--आईएएनएस

एबीएस/

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