निधि छिब्बर को मिला नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार

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निधि छिब्बर को मिला नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार

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IANS
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Nidhi Chhibber given additional charge as NITI Aayog CEO

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। बीवीआर सुब्रह्मण्यम का तीन साल का कार्यकाल मंगलवार को पूरा होने के बाद सरकार ने निधि छिब्बर को नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार दिया है।

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छिब्बर वर्तमान में नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) की महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

मौजूदा समय में वह केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन करके उनके प्रदर्शन और प्रभाव का आकलन करने के लिए जिम्मेदार हैं।

छत्तीसगढ़ कैडर की 1994 बैच की आईएएस अधिकारी छिब्बर ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

इससे पहले वे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की अध्यक्ष रह चुकी हैं, जहां उन्होंने प्रमुख सुधारों और परीक्षा प्रक्रियाओं की देखरेख की।

उनके पास इतिहास में स्नातकोत्तर और विधि स्नातक (एलएलबी) की डिग्री है, और उनकी अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ है।

नीति आयोग के सीईओ के रूप में बीवीआर सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने यह अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाली है।

सुब्रह्मण्यम छत्तीसगढ़ कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उनका तीन दशकों से अधिक का लंबा प्रशासनिक करियर रहा है।

अपनी सेवा के दौरान, सुब्रह्मण्यम ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

उन्होंने कुछ समय के लिए विश्व बैंक में भी काम किया। केंद्र में, उन्होंने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया और प्रधानमंत्री कार्यालय में भी सेवाएं दी हैं।

जम्मू और कश्मीर में उन्होंने मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया, जबकि छत्तीसगढ़ में वह प्रधान सचिव रहीं।

अपनी वर्तमान भूमिका में, सुब्रह्मण्यम की मुख्य भूमिका नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाना है, जिसमें राज्य स्तरीय शासन और भारत के 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के विजन (विकसित भारत @2047) के लिए डिजिटल परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।

नीति आयोग सरकार का प्रमुख नीतिगत विचार-मंथन निकाय है, जिसने सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए योजना आयोग का स्थान लिया है।

1 जनवरी, 2015 को स्थापित यह निकाय जमीनी स्तर से विकास के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है और राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नीति निर्माण में राज्य सरकारों को शामिल करता है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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