राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य में एक ऐतिहासिक कदम: पूर्व आईसीएमआर महानिदेशक

राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य में एक ऐतिहासिक कदम: पूर्व आईसीएमआर महानिदेशक

राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य में एक ऐतिहासिक कदम: पूर्व आईसीएमआर महानिदेशक

author-image
IANS
New Update
Nationwide HPV vaccination rollout a landmark step in public health: Former ICMR DG

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

जयपुर, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के पूर्व महानिदेशक वीएम कटोच और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में पूर्व स्वास्थ्य अनुसंधान सचिव ने गुरुवार को देशभर में मानव पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण की शुरुआत को भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

Advertisment

उन्होंने इसे दूरदर्शी और बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताया और कहा कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में एचपीवी वैक्सीन को शामिल करने से सर्वाइकल कैंसर से लड़ने की कोशिशों को बड़ी मजबूती मिलेगी। यह भारत में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है।

उन्होंने कहा कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का एक बड़ा कारण है। यह बीमारी खासकर कम उम्र और मध्यम आयु की महिलाओं की जान लेती रही है।

उन्होंने कहा, “सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव है, और टीकाकरण इसके लिए सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।”

कटोच ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन संक्रमण को रोकने और सर्वाइकल कैंसर के मामलों को काफी हद तक कम करने में विश्व स्तर पर प्रभावी साबित हुई है।

दुनिया के 160 से अधिक देश इसे अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर चुके हैं, जो इसकी सुरक्षा, प्रभावशीलता और सार्वजनिक स्वास्थ्य में इसकी अहमियत को दर्शाता है।

भारत ने इस वैक्सीन को लगभग दो दशक पहले मंजूरी दे दी थी, लेकिन यह ज्यादातर निजी अस्पतालों तक ही सीमित रही, जहां वही लोग इसे लगवा सकते थे जो इसका खर्च उठा सकते थे।

इस वजह से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की कई लड़कियां इससे वंचित रह गईं।

कटोच ने कहा, “अब इसे राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल किए जाने से यह वैक्सीन उन लोगों तक भी पहुंचेगी जो सबसे ज्यादा जरूरतमंद हैं और इसका खर्च नहीं उठा सकते।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि बड़े पैमाने पर टीकाकरण से न केवल लड़कियों को वायरस के संपर्क में आने से पहले सुरक्षा मिलेगी, बल्कि समाज में संक्रमण के फैलाव को भी रोका जा सकेगा।

उन्होंने भरोसा जताया कि इस कार्यक्रम के लगातार और प्रभावी क्रियान्वयन से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर को भारत में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में खत्म करने में मदद मिलेगी। यह देश की रोके जा सकने वाली बीमारियों के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम साबित होगा।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment