बीएलएफ-बीआरजी ने ली बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों पर हमले की जिम्मेदारी

बीएलएफ-बीआरजी ने ली बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों पर हमले की जिम्मेदारी

बीएलएफ-बीआरजी ने ली बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों पर हमले की जिम्मेदारी

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IANS
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Militant groups claim series of attacks on Pakistani forces across Balochistan

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

क्वेटा, 3 मार्च (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस फोर्स को निशाना बनाकर हमले की बात विभिन्न मिलिटेंट समूहों ने स्वीकारी है। इन मिलिटेंट ग्रुप्स का दावा है कि हमलों ने पाक आर्मी को काफी नुकसान भी पहुंचाया है।

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बीएलएफ-बीआरजी ने ली बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों पर हमले की जिम्मेदारी

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने सोमवार को ग्वादर जिले के शादी कौर डैम इलाके में एक पाकिस्तानी मिलिट्री कैंप पर लाइट मशीन गन, रॉकेट और दूसरे स्वचालित हथियारों से हुए हमले की जिम्मेदारी ली।

बीएलएफ प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच के मुताबिक, हमला कई जगहों से किया गया, जिसमें पाकिस्तानी मिलिट्री के दो जवान मारे गए और कई घायल हो गए। उन्होंने आगे कहा कि कैंप का इंफ्रास्ट्रक्चर भी तबाह हो गया।

द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को एक अलग हमले में, बीएलएफ ने कहा कि उसने कोहलू जिले के लोंड नौशाम इलाके में पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स के मुख्य कैंप को निशाने पर ले कोऑर्डिनेटेड और इंटेंस हमला किया।

ग्रुप ने आगे कहा कि उसके लड़ाकों ने कैंप को घेरकर रॉकेट लॉन्चर और ऑटोमैटिक हथियारों से हमला किया, जिसमें कई रॉकेट कंपाउंड के अंदर गिरे, जिससे सामान का भारी नुकसान हुआ।

एक अलग घटना में, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने कहा कि उसने नसीराबाद जिले में मीर हसन पुलिस स्टेशन के पास एक पुलिस पेट्रोल को निशाना बनाया।

बीआरजी प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने कहा कि उसके लड़ाकों ने एक पुलिस गाड़ी के गुजरते ही रिमोट-कंट्रोल्ड डिवाइस का इस्तेमाल करके धमाका कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मी मारे गए और गाड़ी को नुकसान भी हुआ।

एक और हथियारबंद ग्रुप, यूनाइटेड बलूच आर्मी (यूबीए), ने कथित तौर पर 1 मार्च की शाम को बलूचिस्तान के कच्छी जिले के माच इलाके में एक पाकिस्तानी मिलिट्री सर्विलांस सिस्टम पर हमला किया था।

यूबीए प्रवक्ता मजार बलूच ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने आब-ए-गम और गेशानी के बीच एक मुख्य पाकिस्तानी आर्मी कैंप के पास बने सर्विलांस टावर को गिरा दिया।

उन्होंने कहा कि टावर में चार कैमरे थे जिनका इस्तेमाल लड़ाकों की मूवमेंट को ट्रैक करने और संभावित हमलों का पता लगाने के लिए किया जाता था; उन्होंने यह भी कहा कि हमले के बाद कैमरे पूरी तरह से काम नहीं कर रहे थे।

ग्रुप्स इसे बलूचिस्तान की आजादी के लिए किया गया प्रयास बता रहे हैं।

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के 31 जनवरी को ऑपरेशन हेरोफ के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद हुई ताजा घटनाएं, प्रांत में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हमलों में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी को दिखाती हैं।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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