मिडिल ईस्ट के 12 देशों में 17 लाख से अधिक नेपाली, सरकार ने बढ़ाई सतर्कता

मिडिल ईस्ट के 12 देशों में 17 लाख से अधिक नेपाली, सरकार ने बढ़ाई सतर्कता

मिडिल ईस्ट के 12 देशों में 17 लाख से अधिक नेपाली, सरकार ने बढ़ाई सतर्कता

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IANS
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Middle East hosts over 1.7 million Nepalis: Nepal's Foreign Ministry

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

काठमांडू, 1 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल सरकार ने रविवार को बताया कि मिडिल ईस्ट के 12 देशों में 17 लाख से अधिक नेपाली नागरिक रह रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच इनकी सुरक्षा को लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई है।

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ईरान द्वारा शनिवार को अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हमलों के जवाब में सऊदी अरब, कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन पर जवाबी कार्रवाई किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इन खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में नेपाली प्रवासी कामगार कार्यरत हैं, जिनकी भेजी गई धनराशि (रेमिटेंस) नेपाल की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

विदेश मंत्रालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त सचिव राम काजी खड़का ने बताया कि कुल 17,29,288 नेपाली नागरिक कानूनी रूप से इस क्षेत्र के 12 देशों में रह रहे हैं। बताया गया कि यूएई में लगभग 7,00,000, सऊदी अरब में 3,84,865, कुवैत में 1,75,000, इराक में 30,000, बहरीन में 28,000, ओमान में 25,000, साइप्रस में 17,000, इजरायल में 6,500, लेबनान में 1,500, मिस्र में 500 और ईरान में 6 नेपाली नागरिक हैं।

खड़का ने बताया कि ईरान में रह रहे कुल 10 नेपाली नागरिकों में से चार पहले ही नेपाल लौट चुके हैं, जबकि शेष छह देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में नेपाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मध्य पूर्व में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब तक किसी भी नेपाली नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।

सरकार ने क्षेत्र में रह रहे नेपाली नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श (ट्रैवल एडवाइजरी) जारी कर उन्हें घरों के अंदर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही, विदेश मंत्रालय और पश्चिम एशिया स्थित नेपाली दूतावासों के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक व्हाट्सएप समन्वय समूह भी बनाया गया है।

मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यदि स्थिति गंभीर होती है तो पड़ोसी देशों के साथ समन्वय कर निकासी की व्यवस्था की जाएगी। पिछले वर्ष जून में इजरायल-ईरान के बीच 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान भारत ने ईरान से नौ नेपाली नागरिकों को सुरक्षित निकाला था। नेपाल का ईरान में कोई दूतावास नहीं है।

खड़का ने बताया कि नेपाल सरकार अंतरराष्ट्रीय संगठनों, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम), के साथ भी समन्वय की तैयारी कर रही है ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव और प्रबंधन कार्य सुचारु रूप से किया जा सके।

नेपाल ने मध्य पूर्व की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, तनाव को और न बढ़ाने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। नेपाल ने मतभेदों को कूटनीति और संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर जोर दिया है।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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